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लेख

  • अमेरिका की उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस कौन हैं? भारतीय-अमेरिकी मूल के नागरिकों में कमला का कितना है प्रभाव?

    अमेरिका की उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस कौन हैं? भारतीय-अमेरिकी मूल के नागरिकों में कमला का कितना है प्रभाव?

    Aug १७, २०२० १०:५९

    अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के बहुत से अमेरिकी कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने को एक बड़े बदलाव के तौर पर देखते हैं। भारत का मीडिया भी कमला हैरिस को भारतीय मूल की साबित करने में अपनी पूरी ताक़त लगाए हुए है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वह भारतीय-अमेरिकी समुदाय को डेमोक्रेट्स की बाइडेन-हैरिस जोड़ी के पक्ष में कर पाएंगी?

  • सैयद हसन नसरुल्लाह के भाषण के तीन बेहद महत्वपूर्ण प्वाइंट, हिज़्बुल्लाह प्रमुख ने समर्थकों से क्यों कहा कि अपना आक्रोश संभाल कर रखें बाद में काम आएगा?

    सैयद हसन नसरुल्लाह के भाषण के तीन बेहद महत्वपूर्ण प्वाइंट, हिज़्बुल्लाह प्रमुख ने समर्थकों से क्यों कहा कि अपना आक्रोश संभाल कर रखें बाद में काम आएगा?

    Aug १६, २०२० ०५:२५

    हिज़्बुल्लाह के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने शुक्रवार की शाम जो भाषण दिया वह बहुत महत्वपूर्ण था। वैसे उनके सारे ही भाषण हद से ज़्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। मगर इस भाषण में तीन बिंदु एसे थे जिन पर ठहरकर सोचना ज़रूरी है क्योंकि इसमें भविष्य की घटनाओं के इशारे मौजूद हैं।

  • भारत की नई शिक्षा नीति, कमज़ोर बुनियाद पर बनने वाली नई इमारत, बदलते नामों में विकास की तलाश

    भारत की नई शिक्षा नीति, कमज़ोर बुनियाद पर बनने वाली नई इमारत, बदलते नामों में विकास की तलाश

    Aug १५, २०२० १६:००

    भारत में पॉलिटेक्निक और आईटीआई दशकों से चल रहे है, उनका हश्र आज किसी से छिपा नहीं है। बुनियादी तैयारी के बिना नई शिक्षा नीति की हालत भी ऐसी ही हो सकती है जैसे कमज़ोर बुनियाद पर एक लंबी इमारत का निर्माण कि जिसके वजूद पर हमेशा ख़तरा मंडराता रहे।

  • अरब शासक अगर मुसलमानों का सम्मान नहीं कर सकते तो कम से कम अपमान तो न करें! एक बड़ा इंतेफ़ाज़ा इस्लामी दुनिया की राह देख रहा है

    अरब शासक अगर मुसलमानों का सम्मान नहीं कर सकते तो कम से कम अपमान तो न करें! एक बड़ा इंतेफ़ाज़ा इस्लामी दुनिया की राह देख रहा है

    Aug १५, २०२० १४:२९

    लेबनान के प्रतिरोध ने वर्ष 1982 की हार की कोख से जन्म लिया था जबकि फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध कैम्प डेविड समझौते की साज़िशों को मात देते हुए अस्तित्व में आया था, इसलिए यह कहा जा सकता है कि क्योंकि एक नया और बड़ा इंतेफ़ाज़ा इस्लामी दुनिया की राह देख रहा है।

  • इस्राईल-यूएई दोस्ती, प्रतिरोध की हार या जीत, सच परेशान हो सकता है लेकिन हार नहीं सकता

    इस्राईल-यूएई दोस्ती, प्रतिरोध की हार या जीत, सच परेशान हो सकता है लेकिन हार नहीं सकता

    Aug १५, २०२० ११:५५

    संयुक्त अरब इमारात द्वारा इस्राईल के साथ तथाकथित शांति समझौता की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इस्राईल में अमेरिका के राजदूत ने कहा कि इस्राईल ने पश्चिमी तट पर अपना अधिकार जमाने की योजना का त्याग नहीं किया है।

  • इस्राईल के ख़िलाफ़ युद्ध में मिली विजय की 14वीं सालगिरह के जश्न का लेबनान के लिए क्या महत्व है? तमन्ना थी कि सैयद हसन नसरुल्लाह के भाषण में एक बिंदु मैं बढ़ा देता!

    इस्राईल के ख़िलाफ़ युद्ध में मिली विजय की 14वीं सालगिरह के जश्न का लेबनान के लिए क्या महत्व है? तमन्ना थी कि सैयद हसन नसरुल्लाह के भाषण में एक बिंदु मैं बढ़ा देता!

    Aug १४, २०२० ०८:३०

    इस समय लेबनान में जो कुछ हो रहा है वह इस्राईल से होने वाली जंग में मिली विजय का प्रत्यक्ष या परोक्ष नतीजा है जिसकी 14वीं सालगिरह मनाई जा रही है। इस विजय ने लेबनान ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिमी एशिया में सारे समीकरण बदल दिए और दो महत्वपूर्ण नई बुनियादें डालीं।

  • दो सैनिक अफ़सरों की हत्या के बाद इराक़ भी तुर्की के दुशमनों की सूचि में शामिल, हर किसी को डंक क्यों मार रही है अंकारा सरकार?

    दो सैनिक अफ़सरों की हत्या के बाद इराक़ भी तुर्की के दुशमनों की सूचि में शामिल, हर किसी को डंक क्यों मार रही है अंकारा सरकार?

    Aug १३, २०२० ०६:५३

    इराक़ी कुर्दिस्तान के इलाक़े अरबील के उत्तर में सैनिक ठिकाने पर तुर्की के ड्रोन विमान ने हमला कर दिया जिसमें दो इराक़ी सैनिक अफ़सर मारे गए। इस घटना ने साबित किया कि तुर्की की इन शत्रुतापूर्ण हरकतों के कारण इस देश का कोई भी पड़ोसी अरब देश अब दोस्त नहीं रह गया है।

  • हसन नसरुल्लाह के पुतले को फांसी का मक़सद? कैसे लेबनान को भट्टी में झोंकने की हो चुकी है तैयारी? किसे सुरक्षित करना है मक़सद, जाने लेबनान संकट के कुछ भयानक पहलु

    हसन नसरुल्लाह के पुतले को फांसी का मक़सद? कैसे लेबनान को भट्टी में झोंकने की हो चुकी है तैयारी? किसे सुरक्षित करना है मक़सद, जाने लेबनान संकट के कुछ भयानक पहलु

    Aug १२, २०२० १३:३०

    लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुल यौम में प्रसिद्ध पत्रकार अब्दुल बारी अतवान ने लेबनान संकट का अलग ढंग से जायज़ा लिया है।  

  • अरब सरकारों के लिए शर्म की बात है कि लेबनान की इस तरह उपेक्षा कर रही हैं, पेरिस कान्फ़्रेन्स में एकत्रित होने वाला दान बैरूत के एक मोहल्ले के पुनर्निर्माण के लिए भी नाकाफ़ी

    अरब सरकारों के लिए शर्म की बात है कि लेबनान की इस तरह उपेक्षा कर रही हैं, पेरिस कान्फ़्रेन्स में एकत्रित होने वाला दान बैरूत के एक मोहल्ले के पुनर्निर्माण के लिए भी नाकाफ़ी

    Aug ११, २०२० ०४:३३

    लेबनान संकट के बारे में अधिकतर अरब देशों का जो स्टैंड है वह बड़ा शर्मनाक है। इस अरब देश की ख़ूबसूरती, सभ्यता, अदभुत लोकतंत्र और विचित्र संस्कृति का गुन तो सब ख़ूब गाते हैं मगर इस संकट की घड़ी में अरब देशों ने जिस तरह इस देश को अकेला छोड़ा है उससे तो लगता है कि जैसे लेबनान अरब देश नहीं है।

  • लीबिया, सीरिया और यमन को तबाह करने वाली ताक़तों के निशाने पर अब आ गया है लेबनान, बैरूत धमाके को लेकर मोज़ाम्बीक ने खोले राज़, हिज़्बुल्लाह के लिए फौरन आत्म मंथन ज़रूरी

    लीबिया, सीरिया और यमन को तबाह करने वाली ताक़तों के निशाने पर अब आ गया है लेबनान, बैरूत धमाके को लेकर मोज़ाम्बीक ने खोले राज़, हिज़्बुल्लाह के लिए फौरन आत्म मंथन ज़रूरी

    Aug १०, २०२० ०४:२०

    लेबनान में इस समय हालात विस्फोटक हो चुके हैं और यह हालात बैरूत विस्फोट से कहीं ज़्यादा ख़तरनाक हैं। प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। सरकार के मंत्री त्यागपत्रे देते जा रहे हैं और बैरूत धमाकों के शहीदों और घायलों की संख्या बढ़ रही है। देश की अर्थ व्यवस्था पहले से संकट में डूबी हुई थी और अब उसकी हालात और भी ख़राब हो गई है।

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