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ईरान की बढ़ती ताक़त ने अमेरिका और पश्चिमी देशों की बढ़ाई धड़कने, नया क्रूज़ मिसाइल और देव हैकल ड्रोन आए सामने, अभी तो यह ट्रेलर है ...
Feb २५, २०२३ १४:५७एक ओर अमेरिका पश्चिमी देशों के साथ मिलकर ईरान पर हर दिन नए-नए और कड़े से कड़ा अमानवीय और ग़ैर-क़ानूनी प्रतिबंध लगा रहा है। लेकिन वहीं दूसरी ओर ईरान इन पाबंदियों को नज़रअंदाज़ करते हुए अपने विकास के सफ़र को जारी रखे हुए है। ख़बरों के अनुसार, इस्लामी गणराज्य ईरान ने 1,650 किमी की रेंज की एक क्रूज़ मिसाइल विकसित कर ली है।
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20 साल जेल, न चला मुक़दमा न हुई सुनवाई, अब मिली रिहाई, मानवाधिकार संगठन इनपर कब करेगा कार्यवाही? सबसे पुराना लोकतांत्रिक देश सबसे बड़ा तानाशाह!
Feb २५, २०२३ ११:४९दुनिया के सबसे पुराने लोकतांत्रिक देश होने का दावा करना वाला संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाला देश भी है। आज इस धरती का कोई भी कोना नहीं बचा है कि जहां अमेरिका द्वारा अंजाम दिए गए जघन्य अपराधों के निशान न मिलें। उन्हीं निशानियों में से एक “ग्वांतोनामो बे” जेल भी है।
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भारत में हिन्दू मुसलमान के बाद अब पुलिस-पुलिस में आमना-सामना, मोदी के राज्य में भारत की हर दिन बदलती तस्वीर!
Feb २२, २०२३ १५:५५आज तक आपने भारत से आने वाली ख़बरों में हिन्दू मुसलमानों के बीच टकराव की ख़बरों को तो बहुत सुना होगा, लेकिन अब एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य की पुलिस के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने लगी है।
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युद्ध की आग में जलते देशों पर अपनी रोटी सेंकता अमेरिका! आख़िर यूक्रेन के लोग जिसे हीरो समझते थे अब उससे क्यों होते जा रहे हैं नाराज़?
Feb २२, २०२३ ११:५०'अराजकता के बीच भी अवसर है।' सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर जो बाइडन ने इस बात को सच साबित कर दिया। 24 फरवरी को रूस और यूक्रेन की जंग को एक साल हो जाएगा। इससे पहले यानी 20 फरवरी को स्टइलिश चश्मे, डिज़ाइनर ओवरकोट और चमचमाते जूतों में जो बाइडन कीव पहुंच जाते हैं। कीव, उस देश की राजधानी है जो पिछले एक साल से जंग का गवाह बना हुआ है।
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पश्चिमी एशिया में अशांति की सबसे बड़ी वजह इस्राईल, किसी भी अंतर्राष्ट्रीय क़ानून को पैरों तले कुचलने वाले इस अवैध शासन पर क्यों नहीं होती कोई कार्यवाही?
Feb १९, २०२३ १२:२८पश्चिमी एशिया में एक ऐसा अवैध शासन है जो वर्षों से इस पूरे इलाक़े को अशांति की आग में झोंके हुए है। ज़ायोनी शासन के नाम से मौजूद यह अवैध शासन जब चाहता है जहां चाहता है वहां आतंकी कार्यवाही करता है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इसके गुनाहों की लिस्ट इतनी लंबी होने के बावजूद संयुक्त राष्ट्र संघ इसके ख़िलाफ़ किसी भी स्तर की गंभीरतापूर्वक कार्यवाही करने से बचता नज़र आता है।
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राष्ट्रपति रईसी की चीन यात्रा को लेकर भारतीय मीडिया का ग़लत प्रोपेगंडा, ईरान और भारत के रिश्तों की गहराई गोदी मीडिया की समझ से दूर
Feb १५, २०२३ ११:५६ईरान और भारत के आपसी संबंध कोई आजके नहीं हैं, बल्कि प्राचीन समय से दोनों देशों के बीच एक मज़बूत रिशता रहा है। दोनों देश सदियों से घनिष्ठ सभ्यतागत संबंध रखते हैं। लेकिन दुनिया की कुछ शक्तियां ऐसी हैं कि जो इन दोनों दोस्त देशों के बीच हमेशा फूट डलवाने की साज़िश रचती रहती हैं। अब इन साज़िशों में भारतीय मीडिया का वह हिस्सा भी शामिल हो गया है कि जिसे गोदी मीडिया के नाम से जाना जाता है।
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भारत में बुल्डोज़र के नीचे कुचलता और आग में जलता न्याय, सरकार के साथ मिलकर सत्ता के सुख का आनंद लेने वाले न्यायधीशों इंसाफ़ की उम्मीद करना बेकार!
Feb १४, २०२३ १६:०२भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के कानपुर देहात ज़िले के रूरा थाना इलाक़े के मडौली गांव में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान सोमवार को एक महिला और उसकी बेटी की झोपड़ी में आग लगने की वजह से उसी में जलकर मौत हो गई।
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इस्राईल ने बैतुल मुक़द्दस के फ़िलिस्तीनियों की पहचान मिटा देने के लिए एक मंसूबा बनाया, क्या उसे कामयाबी मिली?
Jan २९, २०२३ १७:००तुर्की की समाचार एजेंसी ने एक फ़ीचर रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें यह जायज़ा लिया गया है कि इस्राईल ने फ़िलिस्तीनी युवाओं को उनकी असली पहचान से दूर कर देने के लिए बड़ी जटिल और बहुमुखी योजना बनाई थी मगर अब सवाल यह पैदा होता है कि इस्राईल की यह साज़िश कितनी कामयाब रही। रिपोर्ट में इसी का जायज़ा लिया गया है।
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गुजरात दंगा डॉक्यूमेंट्री से ध्यान हटाने की साज़िश हुई शुरू, जेएनयू, जामिया और पंजाब युनिवर्सियों के छात्र बने शिकार, अभी तो शुरुआत है आगे-आगे देखिए होता है क्या!
Jan २५, २०२३ १६:०२गुजरात दंगों के लेकर बीबीसी द्वारा बनाई गई डॉक्यूमेंट्री से जहां पूरी दुनिया में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की पूरी तरह पोल खोल दी है, वहीं अब इस डॉक्यूमेंट्री से लोगों के ध्यान को भटकाने के लिए साज़िशें शुरु हो गईं हैं। इस साज़िश का सबसे पहले शिकार विश्वविद्यालयों के छात्र बने हैं।
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राहुल गांधी से क्यों परेशान है आरएसएस? भागवत के बयान ने कट्टरपंथी हिन्दू संगठनों की खोली पोल!
Jan २१, २०२३ १५:२५राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ इस समय भारत का सबसे बड़ा कट्टरपंथी हिन्दू संगठन है। इसका प्रभाव भारत के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में सबसे अधिक है। इसलिए जब आरएसएस के मुखिया कुछ बोलते हैं तो उसको गंभीरता से सुना जाता है।