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उत्तरी सीरिया के मुद्दे पर रूस-तुर्की समझौते के साथ ही राष्ट्रपति असद ने अर्दोग़ान पर क्यों किया भीषण प्रहार? समझौते का सबसे ज़्यादा फ़ायदा और सबसे अधिक नुक़सान किसे हुआ?
Oct २४, २०१९ ०५:२६अरब जगत के प्रख्यात टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः जिस समय रूस और तुर्की के राष्ट्रपति उत्तरी सीरिया की परिस्थितियों के बारे में समझौते के अनुच्छेदों पर 6 घंटे तक जारी रहने वाली बहस में व्यस्त थे, सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद ने उत्तरी इलाक़े इदलिब का दौरा किया और तुर्क राष्ट्रपति अर्दोगान पर बहुत भीषण प्रहार करते हुए उन्हें चोर तक कहा तो इससे तीन बुनियादी बातें समझ में आती हैं।
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नेतनयाहू शायद उसी जेल में जाएं जहां ओलमर्ट गए थे, इस्राईल से दोस्ती की पेंग बढ़ाने वाले अरब नेता भी अपनी ख़ैर मनाएं क्योंकि उनके सितारे भी गरदिश में हैं!
Oct २३, २०१९ ०५:२०यह बात माननी पड़ेगी कि इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू जो नई सरकार के गठन में नाकाम हो गए हैं उन्होंने 23 साल से अधिक समय तक प्रधानमंत्री पद संभलाने के दौरान अरब सरकारों से बड़े अच्छे रिश्ते बना लिए, ईरान के ख़तरे का बार बार उल्लेख करके अरब सरकारों के साथ सामरिक गठबंधन बनाने का रास्ता भी साफ़ किया मगर यह भी सच्चाई है कि नेतनयाहू अपने सारे युद्ध हार गए।
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मनामा में सुरक्षा सम्मेलन, इस्राईल और अमरीका की भागीदारी, जब ईरान के सामने इस्राईल और अमरीका अपनी रक्षा नहीं कर पा रहे हैं तो इन अरब सरकारों की रक्षा क्या करेंगे? अपनी जनता का अपमान कर रही हैं अरब सरकारें!
Oct २२, २०१९ ०६:५४अरब जगत के विख्यात टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः बहरैन में सोमवार को 60 सरकारों की भागीदारी से जो सम्मेलन शुरू हुआ है और जिसका उद्देश्य ईरान के बढ़ते प्रभाव और ख़तरे को रोकना बताया गया है उसका संदेश यह है कि अमरीका फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों का पीछा नहीं छोड़ने वाला है बल्कि वह इसी कोशिश में है कि ज़ायोनी शासन को उनका मोक्षदाता साबित करे।
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सऊदी इंटैलीजेन्स चीफ़ अरब दिमाग़ और यहूदी पैसे की बात करते हैं मगर यहूदियों का दिमाग़ अरबों को लूट रहा है, अरब देशों के तेल के कुओं और अरब नेताओं की रक्षा कर रही हैं इस्राईली कंपनियां!
Oct २१, २०१९ ०५:५१अरब दिमाग़ और यहूदी पैसा एक साथ आ जाए तो हम कुछ भी कर सकते हैं, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में, मानवीय तथा दूसरे अनेक मामलों में आप सोच लीजिए कि हम कहां तक पहुंच सकते हैं?!
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इस्लामी जगत के परमाणु वैज्ञानिकों को चुन चुन कर मारता रहा है इस्राईल! इस सरकारी आतंकवाद की सज़ा क्या होनी चाहिए?
Oct २०, २०१९ १६:००इस्राईल की ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद ने अब तक कई इस्लामी देशों के परमाणु वैज्ञानिकों की हत्याएं की हैं और इसके लिए उसने अलग अलग तरीक़ों और हथियारों का प्रयोग किया।
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ईरान और सऊदी अरब के विवाद की वजह सांप्रदायिकता या कुछ और?
Oct २०, २०१९ ०७:०१इस्लामी दुनिया में ईरान और सऊदी अरब को दो बड़ी ताक़तों के रूप में देखा जाता है जिनका दूसरे देशों में भी काफ़ी असर है।
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अधिकतर अरब और मुस्लिम नेताओं को इतना नीचा क्यों समझते हैं ट्रम्प और उनका अपमान करके उन्हें आनंद क्यों मिलता है? अपमानजनक पत्र पर अर्दोग़ान का क्या होगा जवाब? हमें मारग्रेट थैचर का कांपना याद है!
Oct १९, २०१९ १५:०१अरब जगत के प्रख्यात लेखक अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः ब्रिटेन के गार्डियन अख़बार के वाशिंग्टन स्थित संवाददाता जूलियन बर्गर ने अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प और उनकी घटिया हरकतों विशेष रूप से उन्होंने गत 9 अकतूबर को तुर्क राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान को लिखे गए पत्र में जो भाषा इस्तेमाल की उसके बारे में बहुत अच्छा वाक्य प्रयोग किया जिस पर मैं देर तक सोचता रहा।
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आरामको पर गिरने वाले मिसाइलों के सटीक निशाने देखकर इस्राईल को अंधेरे में डूबता दिखाई दे रहा है अपना भविष्य, तेल अबीब को ट्रम्प की ओर से भी सता रही है गहरी चिंता!
Oct १९, २०१९ १२:५५इस्राईली एयरफ़ोर्स के कमांडर ईतान बिन एलीयाहू ने एक बयान देकर सऊदी अरब की तेल कंपनी आरामको पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों का मुद्दा फिर से गर्मा दिया है।
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तेहरान टू बैतुलमुकद्दस रोड... इस्राईल का भयानक ख्वाब... हक़ीक़त से कितना क़रीब? आतंकवादियों के इलाज के लिए इस्राईल को हर महीने कितनी रक़म मिलती थी?
Oct १८, २०१९ १३:५१इस्लामी गणतंत्र ईरान की सफल नीतियों ने साम्राज्यवादियों को इलाक़े और दुनिया में कई बार पराजित किया है। हालिया दिनों में अमरीका के प्रसिद्ध पत्रकार, थामस फ्रेडमैन ने न्यूयार्क टाइम्ज़ में प्रकाशित अपने एक लेख में लिखा कि " ईरान तेहरान से बैरुत तक एक ज़मीनी पुल बना रहा है ताकि इस्राईल के गले में जो फंदा उसने लगाया है उसे और कस सके।"
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उत्तरी सीरिया में तुर्की ने हमले रोके, 5 दिन का युद्ध विराम, क्या तुर्की का मक़सद पूरा हो गया?
Oct १८, २०१९ ११:४२अमरीका और तुर्की ने 300 मिनट की बातचीत के बाद उत्तरी सीरिया में अस्थाई रूप से युद्ध विराम पर सहमति प्रकट की है। यह युद्ध विराम स्थानीय समयानुसार 10 बजे रात से शुरु हो गया है और 5 दिनों तक जारी रहेगा। इस तरह से फिलहाल उत्तरी सीरिया पर तुर्की का हमला रुक गया है।