इस्राईल की नई सरकार ने चखा पहली बड़ी हार का स्वाद
इस्राईल के प्रधानमंत्री नफ़्ताली बेनेत के नए मंत्रीमंडल को संसद क्नेसेट में मुंह की खानी पड़ी है।
इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार नागरिक क़ानून की समयावधि बढ़ाने के लिए इस्राईल की गठबंधन सरकार के मंत्रीमंडल के भारी प्रयासों के बावजूद इस क़ानून के पक्ष में वोट नहीं पड़े और इस प्रकार से नफ़्ताली बेनेत के मंत्रीमंडल को संसद में पहली हार का सामना करना पड़ा।
इस्राईली प्रधानमंत्री नफ़्ताली बेनेत इस क़ानून की समयावधि बढ़ाने के लिए पर्याप्त मत हासिल नहीं कर सके। इस्राईल के इस नये क़ानून के आधार पर वह फ़िलिस्तीनी जो अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में रहते हैं और उन्होंने किसी इस्राईल से विवाह किया है उन्हें इस्राईल की नागरिकता लेने का कोई अधिकार नहीं है।
सोमवार की रात संसद में लंबी बैठक चली जिसके दौरान इस क़ानून के समर्थक और विरोधियों की राय बराबर हो गयी और इस तरह से नेफ़्ताली का गठबंधन कैबिनेट फ़िलिस्तीनियों के नागरिक क़ानून को क़ानूनी रूप देने में नाकाम रही। (AK)