यमन के सनआ हवाई अड्डे का परिवेष्टन मानवता विरोधी अपराध है
26 मार्च 2015 से सऊदी अरब ने यमन के खिलाफ़ हमला आरंभ किया है। सऊदी अरब यह सोच रहा था कि उसने यमन के खिलाफ जो युद्ध आरंभ किया है कुछ ही दिनों में वह उसे जीतकर मंसूर हादी को दोबारा सत्ता में पहुंचाने में सफल होगा परंतु 6 वर्षों से अधिक का समय बीत गया और आज तक वह अपने लक्ष्यों को प्राप्त न कर सका।
सऊदी अरब ने जब यह देखा कि वह अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर पा रहा है तो उसने यमनी जनता के परिवेष्टन को व्यापक करने के साथ मानवता विरोधी अपराधों में भी वृद्धि कर दी है। यद्यपि युद्ध के आरंभिक महीनों से ही सऊदी अरब मानवता विरोधी अपराध अंजाम दे रहा था परंतु अब उसने इन मानवता विरोधी अपराधों में गति प्रदान कर दी है।
अगस्त 2016 से सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के खिलाफ सऊदी अरब ने अपने परिवेष्टन को और कड़ा कर दिया। उसके इस कार्य का मूल लक्ष्य यमनी जनता के खिलाफ दबावों और पीड़ाओं में वृद्धि करना है। सऊदी अरब के हमलों और उसके दबावों के कारण यमनी जनता को खाद्य पदार्थों और दवाओं के अलावा दूसरी बहुत सारी आवश्यक चीज़ों की भारी कमी का सामना है। सऊदी अरब के पाश्विक हमलों के कारण यमन की बहुत सारी मूलभूत संरचनायें व सुविधायें नष्ट हो चुकी हैं और बहुत से यमनी बेघर हो चुके हैं। MM
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