बहरैन में विपक्षी नेता की नागरिकता ख़त्म
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बहरैन में विपक्षी नेता इब्राहीम करीमी (फ़ाइल फ़ोटो)
बहरैन में अदालत ने एक विपक्षी नेता की उनकी उस टिप्पणी के कारण नागरिकता रद्द कर जिसमें उन्होंने कथित रूप से सऊदी अरब के शासक सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ का अपमान किया है।
बहरैन मिरर के हवाले से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, बहरैन की उच्च सैन्य अदालत ने बुधवार को विपक्षी नेता इब्राहीम करीमी की नागरिकता ख़त्म कर दी। इसी प्रकार अदालत ने उन्हें कथित रूप से सलमान और सऊदी अरब का अपमान करने, शासन विरोधी नफ़रत भड़काने और बिजली का झटका देने वाला हथियार रखने के आरोप में 2 साल एक महीने क़ैद की सज़ा और 2100 बहरैनी दीनार का जुर्माना भरने को कहा।
बहरैनी शासन के सुरक्षा बल ने इब्राहीम करीमी को ट्वीटर अकाउंट चलाने के कारण कि जिसमें उन्होंने सऊदी शासन की इस देश के वरिष्ठ धर्मगुरु शैख़ निम्र को फांसी देने के कारण आलोचना की थी, इस साल के शुरु में गिरफ़्तार किया था।
सऊदी अरब ने 2 जनवरी को एलान किया था कि उसने शैख़ निम्र को फांसी दे दी जो रियाज़ की नीतियों के खुले आलोचक थे।
उन्हें फांसी दिए जाने के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आयीं और कई देशों में सऊदी अरब के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए।
इस बीच बहरैनी शासन एक और विपक्षी नेता के ख़िलाफ़ कार्यवाही करने जा रहा है।
57 साल के विपक्षी नेता ख़लील हलवाची ने अमल नामक विपक्षी गुट का गठन किया है।

मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स फ़र्स्ट ने मनामा में अमरीकी राजदूत से अपील की है कि ख़लील हलवाची के ख़िलाफ़ मुक़द्दमे की कार्यवाही पर नज़र रखने के लिए एक पर्यवेक्षक को भेजे। ख़लील हलवाची के ख़िलाफ़ गुरुवार को मुक़द्दमे की सुनवायी होने का कार्यक्रम है।
ह्यूमन राइट्स फ़र्स्ट के अधिकारी ब्राएन डूली ने कहा, “हलवाची की गरिफ़्तारी और मुक़द्दमा, शांतिपूर्ण विरोध करने वाले विपक्षी नेताओं पर हमले का ताज़ा क्रम है। जल्दी ही बहरैन उस स्थिति में पहुंच जाएगा जहां से लौटना मुमकिन नहीं होगा कि जिसके नतीजे में राजनैतिक संकट का हल असंभव हो जाएगा।” (MAQ/N)