अमरीका ने यमन में सैन्य उपस्थिति की बात मान ही ली
अमरीका के रक्षा मंत्रालय ने पहली बार यह बात स्वीकार की है कि उसके सैनिक यमन में मौजूद हैं।
अमरीकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जेफ़ डेविस ने शुक्रवार को बताया कि हालिया सप्ताहों में अमरीका के बहुत थोड़े से सैनिकों ने यमन के त्यागपत्र दे चुके राष्ट्रपति मंसूर हादी के सैनिकों तथा सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठजोड़ से सहयोग करते हुए यमन के तटवर्ती नगर अल- मुकल्ला में अलक़ाएदा के आतंकियों के विरुद्ध संघर्ष आरंभ किया है। उन्होंने इसी तरह दावा किया कि पेंटागन ने यमन में आतंकियों के ठिकानों पर अपने हमले तेज़ कर दिए हैं। पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा कि यह हमारे हित में नहीं है कि एक आतंकी गुट, किसी तटवर्ती नगर पर क़ब्ज़ा किए रहे इस लिए हम सऊदी गठजोड़ और मंसूर हादी के सैनिकों की मदद कर रहे हैं।
जेफ़ डेविस का यह बयान एेसी स्थिति में सामने आया है कि जब यमन के सूत्रों ने गुरुवार को सूचना दी थी कि अमरीका ने कम से कम 100 विशेष सैनिकों के ज़रिए, दक्षिणी यमन के लहिज प्रांत की अलअनद सैन्य छावनी का अतिक्रमण किया है। इस बीच अंसारुल्लाह जनांदोलन के प्रवक्ता मुहम्मद अब्दुस्सलाम ने कहा है कि विदेशी शक्तियां अलक़ाएदा से संघर्ष के बहाने दक्षिणी यमन पर क़ब्ज़ा करने का प्रयास कर रही हैं। (HN)