इस्राईल के हमलों पर क्यों चुप हैं गुटेरस?
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संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव एंटोनियों गुटेरस ने लेबनान की अपनी यात्रा के दौरान कई मुद्दों पर बात की किंतु इस देश पर इस्राईल के हमलों के बारे में उन्होंने कुछ भी नहीं कहा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec २३, २०२१ १९:३९ Asia/Kolkata
  • इस्राईल के हमलों पर क्यों चुप हैं गुटेरस?

संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव एंटोनियों गुटेरस ने लेबनान की अपनी यात्रा के दौरान कई मुद्दों पर बात की किंतु इस देश पर इस्राईल के हमलों के बारे में उन्होंने कुछ भी नहीं कहा।

लेबनान के संसद सभापति नबी बेरी ने राष्ट्रसंघ के महासचिव के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में भाग लिया।

इस सम्मेलन में उन्होंने लेबनान और अवैध ज़ायोनी शासन के बीच जलसीमा को स्पष्ट किये जाने पर बल दिया।  लेबनानी संसद सभापति के अनुसार दक्षिणी लेबनान में राष्ट्रसंघ के सैनिकों की उपस्थिति के बावजूद इस्राईल, अन्तर्राष्ट्रीय नियमों की अवहेलना करते हुए लेबनान की जल तथा वायुसेना का उल्लंघन करता रहता है।

वास्तव में लेबनान के संसद सभापति ने यह बात राष्ट्रसंघ के महासचिव के लिए ही कही थी किंतु उन्होंने इस बारे में पूरी तरह से मौन धारण कर लिया।

कुछ समीक्षकों का कहना है कि इस प्रकार का मौन, एक प्रकार से अवैध ज़ायोनी शासन को अपराध करने के लिए हरी झंडी दिखाने के अर्थ में है।  यही वे काम हैं जिन्होंने अवैध ज़ायोनी शासन को अधिक दुस्साहसी बना दिया है।  

संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव ने बुधवार को लेबनान में राष्ट्रसंघ के सैनिकों से मुलाक़ात की जहां पर अन्तराष्ट्रीय रक्षकों ने उनका स्वागत किया।  उन्होंने राष्ट्रसंघ के महासचिव को अपनी ज़िम्मेदारियों और यहां पर अपनी मौजूदी का कारण भी बताया।

निःसन्देह, राष्ट्रसंघ के सैनिकों के कमांडरों ने महासचिव गुटेरस को इस क्षेत्र में इस्राईल द्वारा किये जाने वाले आए दिन के हमलों के बारे में बाताया ही होगा।  इन बातों के दृष्टिगत होना तो यह चाहिए था कि राष्ट्रसंघ के महासचिव, इस्राईल की ओर से किये जाने वाले उल्लंघनों के संबन्ध में कुछ तो कहते किंतु उन्होंने एसा कुछ भी नहीं किया।

अपने संबोधन के दौरान गुटेरस ने लेबनान के आंतरिक परिवर्तनों के बारे में बात की।  लेबनान के अतिरिक्त सीरिया भी संयुक्त राष्ट्र संघ में इस्रईल की ओर से किये जाने वाले आए दिन के हमलों की शिकायत कर चुका है किंतु इसका कोई नतीजा अभी तक नहीं निकला है।

इस हिसाब से तो यही कहा जाएगा कि राष्ट्रसंघ के महासचिव और पूरे राष्ट्रसंघ ने ज़ायोनी हितों को सर्वोपरि कर रखा है।  हालांकि लेबनान की यात्रा के दौरान राष्ट्रसंघ के महासचिव की ज़िम्मेदारी यह थी कि वे इन हमलों के बारे में कुछ तो कहते।

उन्होंने लेबनान के इस ज्वलंत विषय को अनेदखा करते हुए बेरूत की बंदरगाह में होने वाले विस्फोट और वहां पर सुधार के संबन्ध में बात की।  उन्होंने बेरूत की बंदरगाह में होने वाले विस्फोट के संबन्ध में जारी क़ानूनी प्रक्रिया के बारे में कहा कि इसे निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए।

टीकाकारों का कहना है कि लेबनान की अपनी चार दिवसीय यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्रंसघ के महासचिव ने एक वास्तविकता को अनदेखा करते हुए इस देश के आंशिक मामलों पर बात करके बहुत कुछ छिपाने का प्रयास किया।

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