इराक़ में बने रहने के लिए अमरीकियों का नया पैंतरा
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31 दिसम्बर 2021 को इराक़ में अमरीकी सैनिकों की तैनाती की अवधि समाप्त होने के बाद इस देश की जनता के सामने अब एक बड़ा सवाल यह है कि अमरीकी सैनिक देश से कब बाहर निकलेंगे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ०८, २०२२ ०९:५२ Asia/Kolkata
  • इराक़ में बने रहने के लिए अमरीकियों का नया पैंतरा

31 दिसम्बर 2021 को इराक़ में अमरीकी सैनिकों की तैनाती की अवधि समाप्त होने के बाद इस देश की जनता के सामने अब एक बड़ा सवाल यह है कि अमरीकी सैनिक देश से कब बाहर निकलेंगे।

इराक़ी सूत्रों का कहना है कि 2022 में भी अमरीकी सैनिक इराक़ की सरज़मीन पर मौजूद हैं, सिर्फ़ इस अंतर के साथ कि अब उन्होंने ख़ुद को सैन्य सलाहकार बताना शुरू कर दिया है। इराक़ी जनता और संसद की इच्छा के विपरीत अभी भी ढाई हज़ार अमरीकी सैनिक इस देश में उपस्थित हैं और वाशिंगटन, उनकी ग़ैर क़ानूनी उपस्थिति को सही ठहराने के लिए नित नए बहाने खोज रहा है। हालांकि इराक़ी प्रतिरोधी गुटों का कहना है कि वह अपनी सरज़मीन पर किसी भी विदेशी सैनिक के क़दम को देश की राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन समझते हैं, इसलिए प्रतिरोध करने और क़ब्ज़ा करने वाली शक्तियों को देश से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शुक्रवार को सैयद शोहदा ब्रिगेड के महासचिव अबू आला अलवेलायी ने कहा कि अमरीका, इराक़ में बने रहने के लि धोखाधड़ी कर रहा है, जबकि देश में उसकी उपस्थिति ग़ैर क़ानूनी है। अभी भी अमरीकी लड़ाकू विमान इराक़ की वायु सीमा में उड़ानें भर रहे हैं और अमरीकी इराक़ को अपनी कॉलोनी समझ रहे हैं।

5 जनवरी 2020 को इराक़ी संसद द्वारा विदेशी सैनिकों को देश से निकाले जाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसके बाद इस देश में अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति पूरी तरह से ग़ैर क़ानूनी हो गई। इराक़ी जनता भी अपन देश से विदेशी सैनिकों की तुरंत वापसी की मांग कर रही है।

अब अगर अमरीका यह दावा भी करे कि इराक़ के प्रधान मंत्री की अनुमति से उसके सैनिक इस देश में मौजूद हैं, तो उसके इस दावे के लिए कोई क़ानूनी आधार नहीं है। इसलिए कि इराक़ के संविधान के मुताबिक़, प्रधान मंत्री द्वारा किया गया कोई भी समझौता उस वक़्त मान्य होगा जब संसद दो तिहाई से उसे अनुमोदित कर दे।

इस वजह से कहा जा रहा है कि अमरीकी सैनिकों की इराक़ में उपस्थिति ग़ैर क़ानूनी है और इराक़ी जनता अपने देश में हमलावर शक्तियों का वजूद एक पल के लिए भी बर्दाश्न नहीं करेगी।