क्या इस्राईल अर्दोगान की डूबती नय्या को पार लगा देगा?
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मध्य पूर्व में एक बार फिर राजनीतिक उलट-फेर होती दिख रही है। तुर्की एक बार फिर आश्चर्यजनक रूप से इस्राईल की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा है। हालांकि तुर्क राष्ट्र रजब तैयब अर्दोगान के सत्ता संभालने के बाद से तुर्की और इस्राईल के बीच एक तरह का तनाव रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १३, २०२२ १६:२१ Asia/Kolkata
  • क्या इस्राईल अर्दोगान की डूबती नय्या को पार लगा देगा?

मध्य पूर्व में एक बार फिर राजनीतिक उलट-फेर होती दिख रही है। तुर्की एक बार फिर आश्चर्यजनक रूप से इस्राईल की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा है। हालांकि तुर्क राष्ट्र रजब तैयब अर्दोगान के सत्ता संभालने के बाद से तुर्की और इस्राईल के बीच एक तरह का तनाव रहा है।

लेकिन अब पुराने दोस्त फिर से क़रीब आते नज़र आ रहे हैं और दुनिया भर के मुसलमानों के नेतृत्व और उस्लामी ख़िलाफ़त को फिर से ज़िंदा करने का अर्दोगान का सपना चकनाचूर हो रहा है।

अर्दोगान ने घोषणा की है कि ज़ायोनी राष्ट्रपति इसहाक़ हर्ज़ोग मार्च के मध्य में अंकारा का दौरा करेंगे। शिमोन पेरेस की 2007 यात्रा की तुर्की की यात्रा के बाद, इस देश का दौरा करने वाले हर्ज़ोग पहले इस्राईली राष्ट्रपति होंगे।

तुर्की-ज़ायोनी संबंधों में सुधार की चर्चा ने उस वक़्त ज़ोर पकड़ा जब पिछले महीने इस्राईली विदेश मंत्री यायर लैपिड और उनके तुर्क समकक्ष मौलूद चाउशोग़लू के बीच टेलिफ़ोन पर बात हुई। पिछले 13 वर्षों में तुर्क और ज़ायोनी विदेश मंत्रियों के बीच सार्वजनिक रूप से स्वीकृत यह पहली बातचीत थी।

दर असल, अर्दोगान को अब नए साझेदारों की तलाश है और वह देश को आर्थिक संकट से निकालने के लिए अब इस्राईल की तरफ़ बड़ी उम्मीद से देख रहे हैं। क्योंकि मध्यपूर्व में इस्राईल से दोस्ती या दुश्मनी का दायरा बहुत बड़ा है और यूरोप होकर बात अमरीका तक पहुंचती है।

तुर्क राष्ट्रपति आर्थिक मंदी, तेज़ी से घटती अपनी लोकप्रियता, अरब पड़ोसियों और पारंपरिक पश्चिमी सहयोगियों के साथ संघर्ष और यूक्रेन पर रूस के संभावित हमले से एक नई परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं और क्षेत्र की इस नई उथल-पुथल में अपनी जगह तलाश रहे हैं।

1949 में अवैध ज़ायोनी शासन को मान्यता देने वाला तुर्की पहला मुस्लिम देश था। 2002 में अर्दोगान की पार्टी के सत्ता में आने तक दोनों के बीच बहुत ही घनिष्ठ और गहरे राजनीतिक और सुरक्षा संबंध थे।

हालांकि इस्राईल अर्दोगान के पर भर में बदलने वाले मिज़ाज के कारण, कुछ ज़्यादा आश्वस्त नही है और ज़ायोनी अधिकारी बहुत फूंक-फूंककर क़दम रख रहे हैं। msm