तुर्की और इस्राईल में बढ़ा रक्षा सहयोग...रिपोर्ट
इस्राईल और तुर्की के बीच सुरक्षा और गुप्तचर सहयोग में वृद्धि की सूचना है।
तुर्की में वित्तीय समस्याओं और आर्थिक संकट का मुद्दा देश के समाचार पत्रों की सुर्ख़ियां बना हुआ है। वास्तविकता यह है कि तुर्क जनता विशेषकर इस देश का कमज़ोर वर्ग पिछले कई वर्षों से अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। यही कारण है कि तुर्की के समाचार पत्र यनी चाग़ ने बुधवार के अपने ताज़े संस्करण में लिखा कि अर्दोग़ान सरकार तुर्की के संचालन में अक्षम है।
समाचार पत्र सोज़ूजू ने भी इसी से मिलती जुलती सुर्ख़ी लगाई और लिखा कि देश में सारी चीज़ें मंहगी हो गयी हैं और आर्थिक स्थिति बहुत ही ख़राब है।
सारे तुर्क मीडिया ने लगभग इसी से मिलती जुलती सुर्ख़ियां लगाई थीं। तुर्क मीडिया की इस प्रतिक्रिया से पता चलता है कि यह वह सच्चाई है जिसका सामना रजब तैयब बर्दोग़ान की सरकार कर रही है और अर्दोग़ान की सरकार देश के आर्थिक संकट और वित्तीय समस्याओं पर नियंत्रण पाने में बुरी तरह नाकाम हो गयी है।
तुर्क राष्ट्रपति देश में आर्थिक समस्या के पैर पसारने से पहले तक जनता में बहुत ही लोकप्रिय थे लेकिन धीरे धीरे उनकी लोकप्रियता घटती जा रही है। राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति से बहुत नाराज़ हैं और आए दिन वह किसी न किसी वरिष्ठ अधिकारी को बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं।
तुर्की के मामलों के विशेषज्ञ और विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर अकरम अकशी ने संयुक्त अरब इमरात के अधिकारियों के संबंध अंकारा के अधिकारियों के दिखावटी प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा कि यूएई की कार्यवाही पर अर्दोग़ान सरकार की प्रतिक्रिया सराहनीय है लेकिन यहां पर यह सवाल पैदा होता है कि क्या तुर्की इस्राईल के साथ अपने संबंधों को तोड़ लेगा। (AK)