इस्राईली प्रधान मंत्री यूएई यात्रा से क्या हासिल करना चाहते हैं?
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इस्राईल के प्रधान मंत्री नफ़्ताली बेनेत 10 जून को अबू-धाबी पहुंचे हैं। यह पिछले 6 महीने में उनकी संयुक्त अरब अमीरात की दूसरी यात्रा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jun १०, २०२२ ११:४० Asia/Kolkata
  • इस्राईली प्रधान मंत्री यूएई यात्रा से क्या हासिल करना चाहते हैं?

इस्राईल के प्रधान मंत्री नफ़्ताली बेनेत 10 जून को अबू-धाबी पहुंचे हैं। यह पिछले 6 महीने में उनकी संयुक्त अरब अमीरात की दूसरी यात्रा है।

बेनेत को प्रधान मंत्री का पद संभाले हुए एक साल हुआ है। पहली बार उन्होंने दिसम्बर में यूएई की यात्रा की थी। अबू-धाबी की उनकी दूसरी यात्रा बहुत ही कम समय के लिए हो रही है। 15 सितंबर 2020 को अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की मध्यस्थ्ता से यूएई ने इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने वाले समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

इससे पहले इस्राईली राष्ट्रपति इसहाक़ हर्ज़ोग भी अबू धाबी की यात्रा कर चुके हैं।

इस्राईल और यूएई के बीच अधिकारियों और राजनयिकों की यात्राओं से स्पष्ट है कि अबू-धाबी और तेल-अवीव के बीच संबंध मज़बूत हो रहे हैं। दोनों के बीच सितम्बर 2020 में संबंध स्थापित हुए और यूएई ने ज़ायोनी शासन को औपचारिकता प्रदान की, लेकिन इससे पहले भी दोनों के बीच संबंध और सहयोग था, लेकिन उसे ख़ुफ़िया रखा गया था। मिस्र और जॉर्डन के बाद यूएई तीसरा अरब देश है, जिसने ज़ायोनी शासन के साथ संबंधों का सामान्य बाने वाला समझौता किया था। अबू-धाबी ने तेल-अवीव में अपना दूतावास खोल लिया है, इसी तरह से तेल-अवीव ने भी अबू-धाबी में अपना दूतावास स्थापित कर लिया है। दोनों के बीच आर्थिक, स्वास्थ्य, रक्षा, और स्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग में वृद्धि हो रही है।

इस्राईली प्रधान मंत्री बेनेत ने अपनी अबू-धाबी की यात्रा के दौरान, यूएई के शासक मोहम्मद बिन ज़ाएद से मुलाक़ात की है और उन्हें राष्ट्रपति का पद संभालने की बधाई पेश की है। पिछले महीने यूएई क पूर्व शासक के निधन के बाद बिन ज़ाएद ने सत्ता संभाली थी। इस मुलाक़ात में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार विमर्श किया है।

यहां एक महत्वपूर्ण बिंदू यह है कि नफ़्ताली बेनेत ऐसी स्थिति में यूएई का दौरान कर रहे हैं कि जब उनकी कैबिनेट पतन की कगार पर है और लगभग वह संसद में अपना बहुमत खो चुकी है। इस प्रकार एक बार फिर इस्राईल राजनीतिक गतिरोध की ओर बढ़ रहा है।

सत्ताधारी गठबंधन के बीच मतभेदों के खुलकर सामने आने के बाद, पिछले हफ़्ते इस्राईली संसद में सांसदों के बीच हाथापाई और मारपीट तक की नौबत आ गई थी। ऐसी परिस्थितियों में ज़ायोनी प्रधान मंत्री यूएई की यात्रा पर हैं और इसमें कोई शक नहीं है कि वह वहां ईरान के मुद्दे पर भी ज़रूरी विचार विमर्श करेंगे। क्योंकि बेनेत अपनी सरकार को बचाने के लिए कई बार ईरान का राग अलाप चुके हैं और ईरान के ख़िलाफ़ संघर्ष जारी रखने का दावा कर चुके हैं। लेकिन यह भी सच है कि यूएई हर हालत में ईरान से सीधे टकराव से बचेगा और वह किसी भी स्थिति में अपनी सुरक्षा को ख़तरे में नहीं डालेगा।