राजनीतिक एकांतवास से निकलने के लिए छटपटाते बिन सलमान
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अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर राजनैतिक रूप से अलग-थलग पड़ने के बाद सऊदी अरब के युवराज अब इसकी क्षतिपूर्ति में लग गए हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jun १८, २०२२ ११:५६ Asia/Kolkata

अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर राजनैतिक रूप से अलग-थलग पड़ने के बाद सऊदी अरब के युवराज अब इसकी क्षतिपूर्ति में लग गए हैं।

अपने कुकर्मों द्वारा विश्व स्तर पर अलग-थलग पड़ने के कारण मुहम्मद बिन सलमान ने विदेशी यात्राओं और विश्व के नेताओं से मुलाक़ातें करके स्वयं को इस राजनीतिक एकांतवास से निकलने की योजना तैयार की है।

मुहम्मद बिन सलमान 2017 को सऊदी अरब के युवराज बने थे।  युवराज बनने के बाद उन्होंने सहयोग और सहकारिता के मार्ग को छोड़कर दमन का रास्ता अपनाया। बिन सलमान ने सऊदी अरब के भीतर अपने आलोचकों और प्रतिद्वदवियों का खुलकर दमन किया।  सऊदी अरब का युवराज बनने के कुछ ही दिनों के बाद बिन सलमान ने क़तर के विरुद्ध कार्यवाही की जिसके कारण साढे तीन वर्षों तक दोनो देशों के संबन्ध तनावपूर्ण रहे।

नवंबर 2017 में बिन सलमान ने भ्रष्टाचार के आरोप में राजशाही परिवार में अपने प्रतिद्वदवी राजकुमारों और प्रभावी लोगों को गिरफ़्तार करवाया।  2017 में ही सऊदी अरब के युवराज ने लेबनान के प्रधानमंत्री साद हरीरी को अपने देश बुलवाकर उन्हें अपने पद से त्यागपत्र देने पर विवश किया।  बाद में फ्रांस की मध्यस्थता से साद हरीरी तीन सप्ताहों के बाद अपने देश लेबनान वापस आ सके।

अक्तूबर सन 2018 को बिन सलमान ने अपनी नीतियों के आलोचक जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या करवाई।  सऊदी अरब के इस पत्रकार को तुर्की के इस्तांबूल नगर मे सऊदी अरब के काउंस्लेट में बहुत ही बेदर्दी के साथ मार दिया गया जिसका विश्व स्तर पर बहुत बड़े पैमाने पर विरोध किया गया।  उधर मार्च 2015 से यमन के विरुद्ध सऊदी अरब की हिंसक एवं दमनात्मक कार्यवाहियां अब भी जारी हैं।  सऊदी गठबंधन के हमने के कारण यमन को इस शताब्दी की सबसे भयानक त्रासदी का सामना करना पड़ रहा है।

मुहम्मद बिन सलमान की यही कार्यवाहियां उनके विश्व स्तर पर राजनैतिक दृष्टि से अलग-थलग रहने का कारण बनी हैं।  अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन पहले ही कह चुके हैं कि उनके द्वारा किये गए अपराधों के कारण वे बिन सलमान से मुलाक़ात नहीं करेंगे।  इस सियासी तन्हाई से निकलने के लिए सऊदी युवराज लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं।  अप्रैल में तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोग़ान की सऊदी अरब की यात्रा के बाद से उनका यह एकांतवास समाप्त होना आरंभ हुआ।

इसी बीच बताया जा रहा है कि अपने दावे के विपरीत अमरीकी राष्ट्रपति निकट भविष्य में सऊदी अरब की यात्रा पर जा रहे हैं।  रेयाज़ की ओर से यह घोषणा की गई है कि मुहम्मद बिन सलमान, तीन क्षेत्रीय देशों तुर्की, जार्डन और मिस्र की यात्रा पर जाने वाले हैं। 

16 जूलाई को सऊदी अरब की राजधानी रियाज़ में आयोजित होने वाली फ़ार्स की खाड़ी की सहकारिता परिषद के सदस्य देशों की बैठक, किसी सीमा तक बिन सलमान के राजनीतिक एकांतवास से निकलने का अच्छा माध्यम बन सकती है। 

विशेष बात यह है कि मुहम्मद बिन सलमान के बारे में अपनी बात से अमरीकी राष्ट्रपति बाइडेन के मुकर जाने के बावजूद अमरीका के भीतर सऊदी अरब के कड़े विरोधियों की संख्या कम नहीं है।

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