इस्राईल के सिर पर लटकती रहेगी कि स़ैफ़ुल क़ुद्स
वेस्ट बैंक में इस्राईली सैनिकों की फ़ायरिंग में एक फ़िलिस्तीनी महिला शहीद हो गयी।
दूसरी ओर हमास आंदोलन के प्रमुख इस्माईल हनिया ने कहा है कि जब तक फ़िलिस्तीन पूरी तरह आज़ाद नहीं हो जाएगा तब तक सैफ़ुल क़ुद्स खिंची रहेगी। उन्होंने कहा कि दुश्मन केवल ताक़त की ज़बान समझता है।
वेस्ट बैंक के शहर रामल्लाह के पश्चिम में स्थित बैतूता क्षेत्र में इस्राईली सैनिकों की फ़ायरिंग में एक फ़िलनिस्तीनी महिला शहीद हो गयी।
रामल्लाह में इस्राईली सैनिकों ने एक गाड़ी पर पाश्विक तरीक़े से फ़ायरिंग कर दी जिसमें दो फ़िलिस्तीनी सवार थे। इस फ़ायरिंग में फ़िलिस्तीनी महिला शहीद हो गयी।
वेस्ट बैंक के विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर नाब्लस और जेनीन फ़िलिस्तीनी संघर्षकर्ताओं और ज़ायोनी सैनिकों के बीच झड़पों का मैदान बने हुए हैं जहां अतिग्रहणकारी सैनिकों ने कई फ़िलिस्तीनियों को गिरफ़्तार भी कर लिया है।
अतिग्रहणकारी सैनिक अपने शर्मनामक और विस्तारवादी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आए दिन फ़िलिस्तीन के विभिन्न क्षेत्रों को अपने हमलों का निशाना बनाते रहते हैं जिसमें प्रतिदिन विभिन्न सैनिक शहीद और घायल जाते हैं या फिर उनको गिरफ़्तार कर लिया जाता है।
इस्राईली सैनिकगों के विरुद्ध फ़िलिस्तीनियों की कार्यवाही वेस्ट बैंक के विभिन्न क्षेत्रों में फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध इस्राईल के जारी पाश्विक अपराधों और मुसलमानों के पहले क़िब्ले मस्जिदुल अक़सा के विरुद्ध अतिग्रहणकारी सैनिकों और इस्राईली कट्टरपंथियों के हमलों के जवाब में एक स्वभाविक प्रतिक्रिया है।
इस्राईल पिछले 70 वर्ष से फ़िलिस्तीनियों के अधिकारों का हनन कर रहा है। इसी मध्य फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के राजैतिक कार्यालय के प्रमुख इस्माईल हनिया ने कहा है कि जब तक इस्राईल, फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों से नहीं निकल जाता तब तक उसके सिर पर स़ैफ़ुल क़ुद्स नामक तलवार लटकती रहेगी और सैफ़ुल क़ुद्स कार्यवाहियों का क्रम जारी रहेगा।
हमास के पोलित ब्यूरो के पमुख इस्माईल हनिया ने एक बयान में अरबर और मुस्लिम राष्ट्रों में एकता और एकजुटता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस्राईल की प्रवृत्ति हमलावर है इसलिए वह शांति के हर प्रयास को नाकाम बनाने का प्रयास करने पर तुला रहता है और इस्राईल केवल शक्ति की ज़बान की समझता है और हथियारों से की जाने वाली बात ही सुनता है।
उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीन को इस समय जिस बड़े मुद्दे का सामना है वहव यह है कि इस्राईल के हालिया चुनाव और इन चुनावों में कट्टरपंथियों की सफलता के बाद मस्जिदुल अक़सा पर धार्मिक संप्रभुता थोपे जाने की इस्राईल की कोशिश है।
यही कारण है कि अतिग्रहणकारी इस्राईल फ़िलिस्तीनी संकल्पों और उमंगों को निशाना बनाना रहा है जिनमें फ़िलिस्तीनियों की वापसी का मामला भी शामिल है। (AK)
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