ज़ायोनियों के समर्थन में फिर आया अमरीका
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शीरीन अबू आके़ला के केस को अन्तर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय में ले जाने का अमरीका ने विरोध किया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec ०७, २०२२ १२:५६ Asia/Kolkata

शीरीन अबू आके़ला के केस को अन्तर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय में ले जाने का अमरीका ने विरोध किया है।

अलजज़ीरा टीवी चैनेल की फ़िलिस्तीनी मूल की पत्रकार शीरीन अबू आक़ेला की हत्या के केस को अन्तर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय भेजने के फैसले का अमरीका ने विरोध किया है।

इस बारे में अमरीका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि हम इसका विरोध करते हैं।  उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय को अपनी ज़िम्मेदारियों पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।  इस न्यायालय को जघन्य अपराधों की सुनवाई के लिए उसको अन्तिम शरणस्थली होना चाहिए।

शीरीन अबू आक़ेला लंबे समय से अलजज़ीरा टीवी चैनेल के लिए लंबे समय से काम करती आ रही थीं।  11 मई 2022 को उस समय ज़ायोनी सैनिकों की गोली से अबू आक़ेला शहीद हो गईं जब वे जेनीन नगर में रिपोर्टिंग कर रही थीं।  ज़ायोनियों की गोली शीरीन के सिर पर लगी।  ज़ायोनियों ने दावा किया था कि अलजज़ीरा की फ़िलिस्तीनी मूल की पत्रकार की हत्या, धोखे में गोली लगने से हुई थी।  उनकी हत्या की जांच के बारे में ज़ायोनियों की ओर से ढील डालने के कारण अलजज़ीरा ने अपनी दिवंगत पत्रकार शीरीन अबू आक़ेला की हत्या के केस को अन्तर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय भेजन का फैसला किया है।  इस केस के बारे में अलजज़ीरा ने जो जांच की है उससे पता चलता है कि शीरीन अबू आक़ेला की हत्या, ज़ायोनियों की ओर से की जाने वाली गोलीबारी से हुई थी।  अलजज़ीरा के अनुसार इस बारे में ज़ायोनियों का दावा स्वीकार योग्य नहीं है।

फ़िलिस्तीनी मूल की पत्रकार शीरीन अबू आक़ेला की हत्या के केस को अन्तर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय भेजन के फैसले का अमरीका की ओर से विरोध यह दर्शाता है कि वाशिंग्टन, ज़ायोनी शासन का खुलकर समर्थन करता है।  इस समर्थन का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अबू आक़ेला की हत्या के बारे में फ़िलिस्तीनियों की ओर से दिये जाने वाले प्रमाण को अनेदखा करते हुए इस संबन्ध में ज़ायोनियों की दलील को वरीयता दी है।  किसी भी अमरीकी अधिकार ने अबू आक़ेला की हत्या की निंदा नहीं की।

हालांकि मार्च 2022 में जब यूक्रेन की राजधानी कीव के निकट एक अमरीकी पत्रकार की गोली लगकर मौत हो गई थी तो अमरीकी अधिकारी ने इसका आरोप रूस पर लगाते हुए माॅस्को की कड़ी निंदा की थी।  इससे पहले भी अमरीका ने फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध इस्राईल की हिंसा का समर्थन किया है और वह संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद में ज़ायोनी शासन के विरुद्ध प्रस्ताव पारित होने में बाधा बनता रहा है।  हालांकि यह बात बहुत ही स्पष्ट है और इसके कई प्रमाण मौजूद हैं कि ज़ायोनी, फ़िलिस्तीनियों पर अत्याचार करते रहते हैं और फ़िलिस्तीनी मूल की पत्रकार शीरीन अबू आक़ेला की हत्या के भी पु्ष्ट प्रमाण मौजूद है।

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