फ़िलिस्तीनी संघर्षकर्ताओं के निकट क्यों लोकप्रिय है जनरल सुलैमानी
फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध संगठनों के कमान्डरों ने शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी के उच्च स्थान और फिलिस्तीन तथा मस्जिदुल अक़सा की रक्षा के लिए उनके अटूट समर्थन को श्रद्धांजलि अर्पित की और फ़िलिस्तीन की मुक्ति और आज़ादी के लिए उनके मार्ग को जारी रखने के अपने दृढ़ संकल्प पर ज़ोर दिया।
फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध संगठनों के नेताओं और ग़ज़्ज़ा पट्टी में शीर्ष सैन्य कमांडरों ने तसनीम समाचार एजेंसी से बात करते हुए शहीद सुलैमानी के महान प्रयासों को याद किया। फिलिस्तीनी प्रतिरोध संगठनों के शीर्ष अधिकारियों ने बैतुल मुक़द्दस और मस्जिदुल अक़सा की मुक्ति और इस शहीद के मार्ग को जारी रखने की क़सम खाई।
जिहादे इस्लामी आंदोलन के वरिष्ठ कमांडरों में से एक "ख़िज़्र हबीब" ने शहीद सुलेमानी को श्रद्धांजलि अर्पित की और ज़ायोनी शासन की आक्रामकता के ख़िलाफ फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध की आकांक्षाओं का समर्थन करने में उनके व्यापक समर्थन का आभार व्यक्त किया और कहा कि निस्संदेह ईरान अपने वादे को पूरा करता रहेगा।
फ़िलिस्तीन के पॉपुलर फ्रंट के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य तलाल अबू ज़रीफ़ा ने शहीद जनरल कासिम सुलेमानी की फिलिस्तीनी प्रतिरोध की सैन्य क्षमताओं को बढ़ावा देने और विस्तार करने में महान भूमिका को याद किया और आक्रामकता और प्रतिरोध के ख़िलाफ़ प्रतिरोध की जंग के मैदान में सफलताओं को याद किया।
फ़िलिस्तीन के जेहादे इस्लामी आंदोलन के एक वरिष्ठ कमांडर "मुहम्मद सालेह" ने भी एक संक्षिप्त बयान में कहा कि यद्यपि हम हत्यारे ज़ायोनियों के हाथों जनरल सुलैमानी की शहादत पर शोक व्यक्त करते हैं लेकिन प्रतिरोध के कई अन्य कमांडर उसी रक्त से पैदा हुए हैं।
शहीद अबू अली मुस्तफ़ा ब्रिगेड के प्रवक्ता "अबू जमाल" ने भी फ़िलिस्तीनी मुजाहेदीन द्वारा ज़ायोनी दुश्मन के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए फिलिस्तीनी प्रतिरोध के दृढ़ संकल्प की ओर इशारा किया और कहा कि न केवल फिलिस्तीन, बल्कि लेबनान, इराक और सभी क्षेत्रों में ज़ायोनी दुश्मन, अमरीका और वैश्विक साम्राज्यवाद के खिलाफ, शहीद सुलेमानी और आईआरजीसी के फ़िलिस्तीनियों के समर्थन के प्रभाव दिखाई दे रहे हैं और इसका परिणाम प्रतिरोध की सफलता के रूप में सामने आएगा। (AK)
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