संघर्ष विराम को परिणाम दायक बनाएंः यमनी उप प्रधानमंत्री
यमन के उपप्रधान मंत्री ने सऊदी गठबंधन को संबोधित करते हुए कहा कि वार्ता का लाभ उठाते हुए संघर्ष विराम को उसके निष्कर्ष तक पहुंचाने का प्रयास करें।
यमन के उप प्रधान मंत्री जलाल अल-रविशान ने कहा है कि हमले और घेराबंदी को समाप्त करने के लिए हमलावर देशों के गठबंधन से बातचीत की जाएगी लेकिन आंतरिक राजनीतिक समाधान केवल यमनी लोगों से संबंधित है।
उन्होंने कहा कि सनआ शांति के तहत निष्पक्ष तरीक़े से अपने क़ानूनी अधिकार हासिल करना चाहता है जिसके लिए विभिन्न चरणों की बातचीत की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सनआ अपनी शर्तों को नहीं बदलेगा।
उन्होंने अंसारुल्लाह प्रमुख अब्दुल मलिक बदरुद्दीन अल-हूसी के निर्देशों को पर्याप्त बताया और कहा कि आगे की बातचीत के लिए कोई गुंजाइश नहीं है। जलाल अल-रविशान ने कहा कि हमलावर देशों को शांति वार्ता के लिए यमन द्वारा दिए गए मौक़े का पूरा फायदा उठाने की ज़रूरत है।
यमन के उप प्रधान मंत्री ने स्पष्ट किया कि हमलावर गठबंधन में शामिल देशों को पता होना चाहिए कि शांति तभी स्थापित होगी जब हमले रुकेंगे और यमनी लोगों की घेराबंदी समाप्त होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय क़ानून दूसरे देशों के मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देते हैं।
ज्ञात रहे कि 8 अप्रैल को एक सऊदी प्रतिनिधिमंडल सनआ पहुंचा, जहां ओमान की मध्यस्थता के तहत यमन और सऊदी शांति वार्ता अंजाम पायी। पर्यवेक्षक इन वार्ताओं को क्षेत्र में तनाव खत्म करने की दिशा में अहम क़दम बता रहे हैं। (AK)
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