इस्राईली प्रधानमंत्री ने अब ईरान के खिलाफ़ क्या दावा किया?
इस्राईल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने स्वीकार किया है कि सैन्य धमकियां ईरान के परमाणु कार्यक्रम की प्रगति में रुकावट नहीं बन सकी हैं।
साथ ही उन्होंने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम से मुकाबले के लिए अरब देशों से सहयोग का आह्वान किया है। एक साक्षात्कार में उन्होंने दावा किया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के आरंभिक कार्यक्रमों से पीछे रह गया है, ईरानी 10 साल पहले वर्तमान सतह पर पहुंचने के बारे में सोचते थे किन्तु हमने उनकी प्रगति को शिथिल कर दिया परंतु पूरी तरह हम उनकी प्रगति को नहीं रोक पाये।
इसी प्रकार उन्होंने कहा कि एक परमाणु बम या परमाणु मिसाइल बनाने के बारे में ईरानियों को यह सोचना चाहिये कि उन्हें 90 प्रतिशत से अधिक संवर्द्धित यूरेनियम की आवश्यकता है।
इसी प्रकार बिनयामिन नेतनयाहू ने दावा किया कि सैनिक धमकियों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को धीमा कर दिया परंतु उसने पूरी तरह उन्हें रोका नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका, इस्राईल, आज़ाद दुनिया और बहुत सारे हमारे अरब पड़ोसियों का दायित्व है कि वे ईरान को परमाणु शक्ति में परिवर्तित होने से रोकने के लिए जो कर सकते हैं करें, यह वही चीज़ है जिसके प्रति हम वचनबद्ध हैं और इसी कारण हम दोबारा चुनाव में उम्मीदवार बने और चुनावों में विजयी हुए।
इसी प्रकार जायोनी प्रधानमंत्री ने इस्राईल के अंदर उत्पन्न होने वाले संकटों की ओर कोई ध्यान दिये बिना दावा किया कि हम ईरान को इस बात की अनुमति नहीं देंगे कि वह हमारे आसपास आतंकवादियों के लिए सुरक्षित शरणस्थली बनाकर हमारा परिवेष्टन करे और हम ईरान और उसके घटकों के हमलों का जवाब देंगे।
सबसे पहले इस बात पर ध्यान देना चाहिये कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और उसमें किसी प्रकार का दिशाभेद नहीं है और ईरान शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु कार्यक्रम पर काम कर रहा है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने बारमबार इस बात की घोषणा की है कि ईरान की प्रतिरक्षा नीति में परमाणु हथियारों और सामूहिक विनाश के हथियारों का कोई स्थान नहीं है। इस संबंध में ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली खामनेई का फत्वा भी मौजूद है जिसमें उन्होंने कहा है कि परमाणु और सामूहिक विनाश के हथियारों को बनाना और उन्हें रखना हराम है।
इस्राईली प्रधानमंत्री ने दावा किया कि सैन्य धमकियों ने ईरान की परमाणु गतिविधियों को धीमा कर दिया मगर पूरी तरह खत्म नहीं किया तो जायोनी प्रधानमंत्री को ज्ञात होना चाहिये कि अमेरिका, इस्राईल और उनके आकाओं व घटकों की धमकियों से ईरान न तो कभी डरा है और न डरेगा और अगर डरता तो बहुत पहले अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रमों को बंद कर देता।
यही नहीं अगर ईरान अमेरिका और उसके घटकों की धमकियों से डरता तो अपने मिसाइल कार्यक्रम को भी बंद कर देता परंतु ईरान ने कभी भी वैध हथियारों व मिसाइलों को बनाने का कार्यक्रम बंद नहीं किया और पूरी गति से उन पर काम हो रहा है और जायोनी प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू को यह बात ज्ञात होनी चाहिये कि इस समय का विश्व जनमत 10 साल पहले का विश्व जनमत नहीं है।
इस समय का विश्व जनमत उनके खोखले दावे की वास्तविकता को बहुत अच्छी तरह समझता है और वह इस बात को भलीभांति जानता है कि न केवल इस्राईल बल्कि उसके किसी आक़ा के अंदर भी ईरान पर हमला करने की हिम्मत नहीं है और अगर होती तो वे बहुत पहले एसा कर चुके होते। MM
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