आसमान पर मोनोपोली टूट जाने से सहमा हुआ है इस्राईल
इस्राईली मीडिया में बहस छिड़ी है कि लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन की एयर डिफ़ेंस पावर तेज़ी से बढ़ी है और वो ज़ायोनी शासन की वायु सेना का मुक़ाबला करने में पूरी तरह सक्षम हो गया है।
मीडिया रिपोर्टों में यह कहा गया है कि इस्राईल के सामरिक हल्क़ों में यह विषय बहुत गर्माया हुआ है। हिज़्बुल्लाह ने एसए-8 और एसए-22 सिस्टम एक्टिव करने का फ़ैसला किया है जो शक्ति के संतुलन में रणनैतिक बदलाव पैदा कर सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि इस्राईल की वायु सेना की गतिविधियों पर अंकुश लग जाएगा।
हिज़्बुल्लाह ने दक्षिणी बैरूत के इलाक़े पर 2019 में इस्राईल के ड्रोन हमले के जवाब में सैम-8 मिसाइल से हमला किया और इस्राईल के हरमिस 450 ड्रोन को मार गिराया था जो जासूसी के मिशन पर था। यह इस्राईली विमानों को मार गिराने की हिज़्बुल्लाह की तरफ़ से पहली चेतावनी दी थी।
इससे पहले ज़ायोनी शासन की रिज़र्व फ़ोर्स के एक जनरल ने चिंता जताई थी कि हिज़्बुल्लाह के मिसाइल इस्राईल के किसी भी इलाक़े को निशाना बनाने में सक्षम हैं। अमीराम लुईन ने जो मोसाद के लिए काम करते रहे हैं, बयान दिया कि हिज़्बुल्लाह इस्राईल के भीतर बड़े और भीड़भाड़ वाले इलाक़ों पर एक साथ हज़ारों मिसाइल फ़ायर करने में सक्षम है।
इस्राईली मीडिया का कहना है कि हिज़्बुल्लाह के सटीक निशाने वाले मिसाइल इस्राईल के सुरक्षा अधिकारियों की चिंता का विषय बने हैं।
हाल में हिज़्बुल्लाह ने इस्राईल का एक जासूसी ड्रोन हैक करके उतार लिया। इस आप्रेशन की तसवीरें जो सामने आईं उनसे यह साबित हो गया कि इस्राईल इस कोशिश में था कि हवा में अपना वर्चस्व एक बार फिर स्थापित कर ले मगर उसे नाकामी हुई। यह आर-काप्टर 1000 प्रकार का ड्रोन था जो हाई रेज़ोलुशन के दो कैमरों से लैस था। हिज़्बुल्लाह पहले ही चेतावनी दे चुका था कि इस्राईल लेबनान की वायु सीमा में कोई भी विमान भेजने की कोशिश न करे।
हालिया वर्षों में यह बदलाव आया है कि हिज़्बुल्लाह ने अपनी ताक़त का विस्तार करते हुए इस्राईल की गतिविधियां पर अंकुश लगाया है और नए समीकरण स्थापित कर दिए हैं। हिज़्बुल्लाह ने ड्रोन विमानों की ताक़त हासिल करके बड़े बुनियादी बदलाव कर दिए हैं।
हिज़्बुल्लाह ने कांधे पर रखकर फ़ायर किए जाने वाले स्ट्रेला-2 प्रकार के मिसाइलों का सफल परीक्षण किया। यह ज़मीन से हवा में मार करने वाला सिस्टम है जिसकी मारक दूरी 500 से डेढ़ हज़ार मीटर है। यह मिसाइल कांधे पर ढोकर ले जाया जा सकता है और शक्तिशाली वारहेड से लैस है। इन मिसइलों के आरंभिक संस्करणों ने वियतनाम युद्ध में अमरीकी सेना भारी नुक़सान पुहंचाया था और अमरीकी सेना के तीन हज़ार से अधिक हेलीकाप्टर राख के ढेर में बदल गए थे।
मई 2021 में फ़िलिस्तीनी संघर्षकर्ताओं और इस्राईल के बीच क़ुद्स की तलवार नाम से जो युद्ध हुआ उसके बाद फ़िलिस्तीनी संगठनों ने भी अपनी वायु क्षमता में विस्तार किया है ताकि इस्राईली युद्धक विमान फ़िलिस्तीनी इलाक़ों के ऊपर आज़ादी से उड़ान न भर सकें।
इस तरह देखा जाए तो इस्राईली वायु सेना घिरती और सिमटती चली जा रही है। इस्राईली सेना के हेलीकाप्टर तो ग़ज़्ज़ा के इलाक़े में जाने की हिम्मत नहीं कर पाते अब इस्राईली युद्धक विमानों को नाकारा बनाने की योजना पर तेज़ी से काम हो रहा है।
इन परिस्थितियों से लगता है कि समय गुज़रने के साथ साथ इलाक़े के आसमानों पर इस्राईल की मोनोपोली ख़त्म होती जा रही है और रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ की ताक़त का विस्तार हो रहा है।
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