फ़िलिस्तीनियों को कैसे प्रभावित करेगा इस्राईल का नया क़ानून?
फ़िलिस्तीनियों का कहना है कि ज़ायोनी संसद द्वारा सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों को सीमित करने वाले बिल की मंज़ूरी से, ज़ायोनी शासन को अपने कट्टर दक्षिणपंथी एजेंडे को पूरा करने में मदद मिलेगी।
ज्यूडिशियल ओवरहॉल ज़ायोनी प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू और उनके धुर-दक्षिणपंथी सहयोगियों के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिससे वह सरकार के फ़ैसलों पर सुप्रीम कोर्ट के वीटो अधिकार को सीमित करना चाहते हैं।
इस्राईली नेसेट में फ़िलिस्तीनी सांसद अहमद तीबी का कहना है कि इस क़ानून से सरकार के फ़ैसलों पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी या उन्हें वीटो करने का उसका अधिकार ख़त्म हो जाएगा।
तीबी का कहना था कि इस्राईली सुप्रीम कोर्ट से फ़िलिस्तीनियों को कभी कोई उम्मीद नहीं रही है, क्योंकि उसने कभी निष्पक्षता से कोई फ़ैसला नहीं सुनाया है, बल्कि हमेशा अवैध अधिकृत इलाक़ों में बसने वाले ज़ायोनियों के पक्ष में ही फ़ैसला दिया है, चाहे वह फ़िलिस्तीनियों का नरसंहार हो या उनकी ज़मीनों और घरों पर क़ब्ज़ा। लेकिन इस विवादास्पद क़ानून से न्यायपालिका पर फासीवादी शासन का पूर्ण नियंत्रण हो जाएगा। इसका अवैध अधिकृत इलाक़ों में फ़िलिस्तीनियों पर अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
ग़ौरतलब है कि इस बिल के पास होने के बाद, ज़ायोनी सुप्रीम कोर्ट मोटे तौर पर सरकार या किसी मंत्री द्वारा दिए गए आदेश पर रोक नहीं लगा सकेगा। msm