इस्राईल में हालात ख़राब राजनैतिक और सेनिक नेतृत्व आमने सामने
इस्राईली मीडिया का कहना है कि इस्राईली राजनैतिक और सैनिक नेतृत्व इस समय बड़ी बदहाली के दौर से गुज़र रहे हैं और हालात पर ईरान और हिज़्बुल्लाह का नियंत्रण है।
इस्राईल की चैनल 13 के सामरिक मामलों के टीकाकार एलन बिन डेविड ने मआरीव समाचार पत्र से कहा कि पहले इस्राईली सेना इस्राईल के हितों के लिए इस्तेमाल होती थी मगर अब इस्राईल का राजनैतिक नेतृत्व सेना पर हमला कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख के बीच पहला टकराव गत शुक्रवार को देखने में आया जब वायु सेना चीफ़ ने 60 रिज़र्व सैनिकों के साथ एलान कर दिया कि वो काम जारी रखने या छोड़ देने के लिए किसी और के आदेश को नहीं मानेंगे बल्कि अपनी मर्ज़ी के अनुसार काम करेंगे।
यह बयान जारी होने के बाद प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने सेना पर ज़ोर दिया कि वो इस बयान का खंडन करे। नेतनयाहू यह समझने को तैयार नहीं हैं कि यह लीक हुई ख़बर नहीं सेना का औपचारिक बयान है जो सेना के प्रवक्ता ने दिया और इसका खंडन नहीं किया जा सकता।
इस्राईल में पायलटों पर हमले हुए और सेना में काम छोड़ने का एलान करने वाले सैनिकों को निशाना बनाया गया जिन्होंने न्यायिक बदलाव पर आपत्ति जताते हुए सेना को छोड़ा था। इसका पूरा ठीकरा नेतनयाहू ने सेना प्रमुख के सर फोड़ दिया कि वो सेना को संभाल नहीं पाए।
बिनयामिन नेतनयाहू के बेटे याईर नेतनयाहू ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्म पर लिखा कि इस्राईल के वर्तमान सेना प्रमुख को इस्राईल के इतिहास के सबसे नाकाम सेना प्रमुख के रूप में याद किया जाएगा।
इस्राईली मीडिया के अनुसार इस समय इस्राईल में गहरे विभाजन की स्थिति है। एक धड़ा बिनयामिन नेतनयाहू के साथ और दूसरा सेना के साथ है।
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