इस्राईल में प्रदर्शनकारियों के दमन से राष्ट्रसंघ चिंतित
ज़ायोनी शासन की दमनकारी नीतियों से केवल फ़िलिस्तीनी ही परेशान नहीं हैं बल्कि राष्ट्रसंघ ने भी इस बारे में अपने विचार रखे हैं।
संयुक्त राष्ट्रसंघ ने अवैध ज़ायोनी शासन में अफ़्रीकी मूल के प्रदर्शनकारियों के दमन पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
शनिवार को तेलअवीव में इरिट्रिया तथा सूडानी मूल के प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध ज़ायोनी सुरक्षा बलों ने कड़ाई से बल का प्रयोग किया। अफ़्रीकी मूल के यह प्रदर्शनकारी, तेलअवीव में इरिट्रिया के दूतावास में इस देश की संप्रभुता को लेकर होने वाली कांफ्रेंस के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे। संयुक्त राष्ट्रसंघ ने इस्राईल की पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध अपनाए गए रवैये पर चिंता जताई है।
संयुक्त राष्ट्रसंघ के मानवाधिकार आयोग के प्रमुख वेलकर तर्क ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए लिखा है कि अफ्रीकी मूल के लोगों के प्रदर्शन में घायल होने वाले प्रदर्शनकारियों को संख्या को लेकर मुझको बहुत आश्चर्य हो रहा है। उन्होंने कहा है कि इस बारे में जांच की जानी चाहिए। इसी प्रकार से राष्ट्रसंघ के मानवाधिकार आयुक्त ने ज़ायोनी शासन की ओर से घृणा फैलाने को रोके जाने की ज़रूरत पर भी बल दिया।
ज़ायोनी शासन के चैनेल-12 ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट में बताया था कि आज अफ्रीकी मूल के प्रदर्शनकारियों और इस्राईल की पुलिस के बीच हुई गंभीर झड़पों में 170 लोग बुरी तरह से घायल हो गए जिनमें से 20 की हालत चिंताजनक है।
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