फ़िलिस्तीनियों के तूफ़ान अल-अक़्सा को दुनिया का व्यापक समर्थन
https://parstoday.ir/hi/news/west_asia-i128972-फ़िलिस्तीनियों_के_तूफ़ान_अल_अक़्सा_को_दुनिया_का_व्यापक_समर्थन
फ़िलिस्तीनियों के इस्राईल के ख़िलाफ़ तूफ़ान अल-अक्सा नामक आप्रेशन को क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समर्थन मिल रहा है।
(last modified 2023-10-08T07:03:14+00:00 )
Oct ०८, २०२३ १२:२९ Asia/Kolkata

फ़िलिस्तीनियों के इस्राईल के ख़िलाफ़ तूफ़ान अल-अक्सा नामक आप्रेशन को क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समर्थन मिल रहा है।

ईरान, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और सऊदी अरब जैसे क्षेत्रीय अरब देश सहित क्षेत्र के सभी इस्लामी देशों ने इसका समर्थन किया है और उन्होंने अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन के मक़ाबले में फ़िलिस्तीनियों के वैध अधिकारों की रक्षा पर बल दिया है।

ज़ायोनियों ने सोचा था कि अमेरिका के सैन्य समर्थन पर भरोसा करते हुए वे सुख चैन व शांति से रहेंगे और साथ ही उन्होंने अपने समीकरणों को बदलने के लिए क्षेत्र के कुछ देशों के साथ संबंधों की बहाली की प्रक्रिया को बढ़ाने विचार भी करने लगे लेकिन फ़िलिस्तीनी लड़ाकों के भीषण हमले और बड़ी संख्या में वरिष्ठ ज़ायोनी अधिकारियों को बंदी बनाए जाने से पता चलता है कि ज़ायोनियों के सभी समीकरण ग़लत साबित हुए और उन्हें अवैध क़ब्ज़े वाले घर में कभी शांति नहीं मिलेगी।

क्षेत्रीय मुद्दों के विशेषज्ञ अली खेज़ाई कहते हैं कि फ़िलिस्तीनी लड़ाकों के मुक़ाबले में इस्राईली बंदियों और मारे गये लोगों की बड़ी संख्या संख्या से पता चलता है कि अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन आधुनिक सुरक्षा और सैन्य उपकरणों से लैस करने के बावजूद, अभी भी मकड़ी के जाले की ही तरह है और अब फ़िलिस्तीनी संघर्षकर्ताओं ने हैरान करने वाला हमला करके यह दिखा दिया कि फ़िलिस्तीनियों की दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने ज़ायोनी शासन और उसके समर्थकों की सुरक्षा और ख़ुफ़िया एजेंसियां ​​कितनी असहाय हैं।

इस्राईल के अंदर घुसकर फ़िलिस्तीनी युवाओं के हमले को जॉर्डन और इराक सहित व्यापक क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समर्थन मिल रहा है जिससे पता चलता है कि फ़िलिस्तीनी मुद्दे और ज़ायोनी शासन के बारे में इस्लामी देशों की जनता की क्या राय है।

फ़िलिस्तीनी संघर्ष के हमलों पर व्यापक जन समर्थन, अमेरिका के समर्थन से ज़ायोनी शासन के संबंधों की बहाली की विफलता को भी दर्शाता है।

फ़िलिस्तीनी लड़ाकों के व्यापक हमलों ने यह साबित कर दिया कि कुछ क्षेत्रीय देशों के साथ संबंधों की बहाली की प्रक्रिया न केवल ज़ायोनियों के दर्द की दवा नहीं है बल्कि उन्हें ग़लत अनुमान लगाने की ओर भी ले जाती है जैसा कि ज़ायोनी कल्पना करते थे कि वे अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में अपनी स्थिति मज़बूत करने और क्षेत्री देशों के साथ संबंधों को सामान्य को आगे बढ़ा सकते हैं।

इस बीच, फ़िलिस्तीनी लड़ाकों के चौतरफा हमले ने ज़ायोनियों के मानसिक और खोखले समीकरणों को गंभीर रूप से तितर बितर कर दिया।

ईरान में फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के प्रतिनिधि ख़ालिद अल-क़ूदूमी का इस संबंध में मानना ​​है कि हम किसी को भी फिलिस्तीनियों के अधिकार को नष्ट करने और इसे अपने क़ब्ज़े में लेने की इजाजत नहीं देंगे इसीलिए प्रतिरोध ने तूफ़ान अल-अक्सा ऑप्रेशन शुरू किया और संघर्ष ने नए समीकरण और क्षेत्रीय वास्तविकताएं स्थापित कीं। (AK)

 

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर पर हमें फ़ालो कीजिए 

फेसबुक पर हमारे पेज को लाइक करें।