युद्ध के लिए सबसे उचित विकल्प है अवैध ज़ायोनी शासनः नसरुल्ला
सैयद हसन नसरुल्ला ने ग़ज़्ज़ा की जनता को एसा राष्ट्र बताया है जिसका उदाहरण पूरे विश्व में नहीं मिल सकता।
हिज़बुल्ला के महासचिव ने कहा है कि हथियारों से भी पहले हमारी वास्तविक शक्ति गहरी आस्था, दूरदर्शिता, सतर्कता, इन आदर्शों के लिए गहरी प्रतिबद्धता, बलिदान देने के लिए उच्च तत्परता और असीम धैर्य मे नहित है। सैयद हसन नसरूल्ला के अनुसार यह वे विशेषताए हैं जो शहीदों के परिवारों में पाई जाती हैं।
उन्होंने कहा कि अगर हम क़ानूनी, नैतिक, मानवीय और धार्मिक दृष्टि से युद्ध करना चाहते हैं तो उसके लिए सबसे उचित विकल्प अवैध ज़ायोनी शासन ही है।
सैयद हसन नसरुल्ला ने शुक्रवार को लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी ज़ाहिया क्षेत्र में हिज़बुल्ला के शहीदों की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया।
हिज़बुल्ला के महासचिव ने ग़ज़्ज़ा की जनता को विशेष सलाम करते हुए उसको एसा राष्ट्र बताया जिसका उदाहरण संसार में नहीं है। उन्होंने कहा कि हालिया वर्षों में फ़िलिस्तीन की स्थति बहुत ही ख़राब थी और अतिवादियों के सत्ता में पहुंचने से यह और ख़राब हो गई।
याद रहे कि 7 अक्तूबर को ग़ज़ा युद्ध की शुरूआत के बाद हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्ला का यह पहला सार्वजनिक भाषण है जिसको काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फ़िलिस्तीन के इस्लामी जिहाद आंदोलन के प्रवक्ता मोहम्मद अल-हाज मूसा ने शुक्रवार को कहा, हमें हिज़्बुल्ला पर पूरा भरोसा है। हिज़्बुल्लाह जो भी क़दम उठाएगा, उसका बहुत असर होगा। यह इस्लामी प्रतिरोध संगठन, ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में बहुत शक्तिशाली है। सैयद हसन नसरुल्लाह के इस भाषण की जहां बहुतों को प्रतीक्षा थी वहीं पर इसके लिए पूरा मध्यपूर्व अपनी सांसें रोककर बैठा हुआ था।
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