ग़ज़्ज़ा में 4 दिनों के संघर्ष विराम की घोषणा
फ़िलिस्तीनी के प्रतिरोध आन्दोलन हमास ने एक बयान जारी किया है जिसके अनुसार बहुत जटिल और लंबी वार्ता तथा क़तर और मिस्र के अथक प्रयासों के बाद मानवता के आधार पर 4 दिनों के संघर्ष विराम पर सहमति बनी है।
फार्स समाचार एजेन्सी के अनुसार हमास ने अपने बयान में इस समझौते के बारे में बताया है कि सहमति के अनुसार दोनो पक्षों की ओर से झड़पें, ज़ायोनी सैनिकों द्वारा पूरे ग़ज़्ज़ा में सैन्य गतिविधियां और ग़ज़्ज़ा में इस अवैध शासन के सैन्य वाहनों तथा बक्तर बंद गाड़ियों की आवाजाही रोक दी जाएगी। समझौते के आधार पर मानवता प्रेमी सहायता और ईंधन के वाहनों को पूरी स्वतंत्रता के साथ ग़ज़्ज़ा के हर क्षेत्र में भेजा जाएगा।
हमास ने बताया कि 19 साल से कम के इस्राईल के 50 बधंको को फ़िलिस्तीन के 19 साल से कम 150 महिलाओं और बच्चों के मुक़ाबले में आज़ाद किया जाएगा।
इन चार दिनों के दौरान उत्तरी और दक्षिणी ग़ज़्ज़ा पर सुबह 10 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक ज़ायोनी शासन के युद्धक विमानों की उड़ान पर रोक पर सहमति बनी है।
हमास ने यह भी बताया है कि संघर्ष विराम के दौरान ज़ायोनी शासन, ग़ज़्ज़ा की पट्टी में किसी भी व्यक्ति पर किसी भी प्रकार का हमला नहीं कर सकता। इस दौरान ग़ज़्ज़ावासियों को ग़ज़्ज़ा में आज़ादी के साथ उत्तरी ग़ज़्ज़ा से दक्षिणी ग़ज़्ज़ा जाने का अधिकार होगा।
हमास का कहना है कि इस समझौते को उसके दृष्टिकोण के हिसाब से तैयार किया गया है। हमास के इस बयान के अंत में आया है कि हम संघर्ष विराम की घोषणा एसी स्थति में कर रहे हैं कि हमारी उंगलिया बंदूक़ों के ट्रिगर पर रखी हुई हैं।
उल्लेखनीय है कि अवैध ज़ायोनी शासन के अतिवादी मंत्रीमण्डल के तीन मंत्रियों के अतिरिक्त सभी ने बंदियों के आदान-प्रदान तथा संघर्ष विराम पर अपनी समहति जताई है। याद रहे कि ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री नेतनयाहू पर अब भी इस्राईली बंधकों की आज़ादी को लेकर बहुत दबाव है।
संघर्ष विराम के समझौते को अंतिम रूप देते समय नेतनयाहू ने कहा था कि उसका मंत्रीमण्डल एक बहुत ही कठोर फैसला कर रहा है किंतु यह फैसला ठीक है।
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