गंभीर मानवीय त्रासदी की ओर तेज़ी से बढ़ता ग़ज़्ज़ा
राष्ट्रसंघ का मानना है कि ग़ज़्ज़ा की हालत बहुत अधिक बिगड़ चुकी है।
राष्ट्रसंघ ने ग़ज़्ज़ा की स्थति को त्रासदी से भी आगे की बात बताया है। संयुक्त राष्ट्रसंघ के मानवाधिकार आयोग का कहना है कि वर्तमान समय में ग़ज़्ज़ा की जो स्थति है वह किसी भी त्रासदी से बहुत आगे की बात है।
राष्ट्रसंघ के मानवाधिकार आयुक्त वेलकर तर्क ने ग़ज़्ज़ा में फिर से युद्ध आरंभ हो जाने को बहुत बड़ी मुसीबत बताया है। उन्होंने कहा कि ग़ज़्ज़ा के संदर्भ में इस्राईल के अधिकारियों के वक्तव्य, एक नए ख़तरे की ओर इशारा करते हैं जो गंभीर चिंता का विषय है। उनका यह मानना है कि इस प्रकार की कार्यवाही से फ़िलिस्तीनियों की ज़िंदगी अधिक ख़तरे में है। एसे में उनको पलायन के लिए विवश होना पड़ सकता है जो एक अन्य प्रकार की त्रासदी है।
राष्ट्रसंघ के मानवाधिकार आयुक्त ने संघर्षरत पक्षों और दुनिया के देशों से अनुरोध किया है कि वे सब ग़ज़्ज़ा में स्थाई संघर्ष विराम के लिए यथा संभव प्रयास करने के लिए आगे आएं।
याद रहे कि ज़ायोनियों ने ग़ज़्ज़ा पर फिर से हमले शुरू कर दिये हैं। इन हमलों में बहुत बड़ी संख्या में आम फ़िलिस्तीनी शहीद और घायल हुए हैं।
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