यमनियों से क्यों उलझना नहीं चाहता अमरीका?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि देश की सेनाएं, यमन के स्वयं सेवी बल अंसारुल्लाह के साथ सैन्य संघर्ष नहीं चाहती।
पोलिटिको को इंटरव्यू देते हुए अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि देश की सेनाएं, यमनी बलों के साथ सैन्य संघर्ष नहीं चाहती।
फ़ार्स न्यूज़ के अनुसार, एक अमेरिकी वेबसाइट ने बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रशासन के शीर्ष अधिकारी इस बात से सहमत हैं कि यमन में अंसारुल्लाह पर हमला करना एक ग़लत क़दम होगा।
तीन अमेरिकी अधिकारियों ने पोलिटिको को बताया कि जबकि कुछ अमेरिकी सैन्य अधिकारी लाल सागर में जहाजों पर अंसारुल्लाह के हमलों के लिए कड़ी प्रतिक्रिया का आह्वान कर रहे हैं, बाइडेन प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों का मानना है कि उस दिशा में आगे बढ़ना ग़लत है।
पोलिटिको द्वारा पेश किए गये सूत्रों का कहना है कि बाइडेन प्रशासन के भीतर एक महत्वपूर्ण सहमति है कि हौसी बलों के लिए अमेरिकी सेना की सीधी प्रतिक्रिया का कोई मतलब नहीं है।
पोलिटिको ने दावा किया कि जहां अमेरिकी नौसेना का एक युद्धपोत मंगलवार को तीन जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण कई घंटों तक गतिरोध में उलझा रहा, वहीं अमेरिकी ख़ुफ़िया अधिकारी यह नहीं मानते कि हमले का निशाना कोई अमेरिकी जहाज था। (AK)
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