ग़ज़ा में दोबारा संघर्ष विराम की सुगबुगाहट
https://parstoday.ir/hi/news/west_asia-i131366-ग़ज़ा_में_दोबारा_संघर्ष_विराम_की_सुगबुगाहट
तूफ़ान अलअक़सा आप्रेशन के 75वें दिन ज़ायोनी शासन ने दक्षिणी ग़ज़ा पट्टी के ख़ान युनुस नगर के कई भागों पर भारी बमबारी की।
(last modified 2023-12-20T05:48:14+00:00 )
Dec २०, २०२३ ११:१८ Asia/Kolkata
  • ग़ज़ा में दोबारा संघर्ष विराम की सुगबुगाहट

तूफ़ान अलअक़सा आप्रेशन के 75वें दिन ज़ायोनी शासन ने दक्षिणी ग़ज़ा पट्टी के ख़ान युनुस नगर के कई भागों पर भारी बमबारी की।

हमले में हमदान परिवार का घर ध्वस्त हो गया और 14 लोग शहीद हुए। ग़ज़ा पर ज़ायोनी शासन की बमबारी रुकने का नाम नहीं ले रही है इस बीच युनिसेफ़ के प्रवक्ता ने कहा कि यह जंग तो बच्चों के ख़िलाफ़ जंग बन गई है।

जेम्ज़ आल्डर ने कहा कि ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार शहीद होने वाले फ़िलिस्तीनियों की संख्या 19 हज़ार से अधिक हो गई है और इनमें 40 प्रतिशत बच्चे हैं। शहीद होने वाले बच्चों की भारी संख्या की वजह से युनिसेफ़ इसे बच्चों के ख़िलाफ़ जंग का नाम दे रहा है। इस स्थिति में केवल युद्ध विराम ही है जिससे हालात को संभाला जा सकता है।

ग़ज़ा में मानवीय संकट गंभीर रूप धारण कर गया है जबकि ज़ायोनी सेना अपने लक्ष्य पूरे नहीं कर पायी है बल्कि ज़मीनी आप्रेशन में उसे भारी नुक़सान उठाना पड़ा है। इन हालात में सूचनाएं हैं कि ग़ज़ा में संघर्ष विराम के लिए बातचीत का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। हमास की राजनैतिक शाखा प्रमुख इस्माईल हनीया क़ाहेरा की यात्रा कर रहे हैं।

इस्राईली मीडिया ने ख़बर दी है कि संघर्ष विराम के बारे में बातचीत में प्रगति हुई है। अलबत्ता हाआरेत्ज़ अख़बार ने लिखा है कि संघर्ष विराम पर बातचीत शुरू होने के बाद यह पहला मौक़ा है कि हमास के अधिकारी क़ाहेरा की यात्रा कर रहे हैं लेकिन क़ाहेरा और दोहा दोनों ने एलान किया है कि संघर्ष विराम के विषय पर जल्दी कोई नतीजा मिलने की संभावना कम है।

यदीओत अहारोनोत अख़बार ने लिखा कि इस्राईल इस समय कोशिश कर रहा है कि वार्ता में के साथ हमले भी जारी रहें और संघर्ष विराम सीमित दिनों के लिए हो, बातचीत वहीं से शुरू हो जहां ख़त्म हुई थी और क़ैदियों के ग्रुप तय कर लिए जाएं जिनकी रिहाई के बारे में बात हो रही है।

स्पुतनिक न्यूज़ ने रिपोर्ट दी है कि ज़ायोनी शासन के राष्ट्रपति इसहाक़ हर्तज़ोग ने मंगलवार को कहा कि इस्राईल संघर्ष विराम के लिए तैयार है। इस्राईली अधिकारियों के हवाले से यह रिपोर्ट भी आई है कि ज़ायोनी शासन क़तर से कहा है कि वह एक सप्ताह के संघर्ष विराम के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा है कि क़ैदियों को आज़ाद कराने के लिए ज़ायोनी शासन बड़ी क़ीमत चुकाने के लिए तैयार है जबकि इससे पहले इस्राईल बड़ी बड़ी बातें कर रहा था कि सारे क़ैदियों को बिना किसी पूर्व शर्त के सैनिक ताक़त के ज़रिए आज़ाद कराएगा।

हमास के अधिकारी साफ़ कर चुके हैं कि अस्थायी संघर्ष विराम के बारे में वे कोई भी बात नहीं करेंगे बल्कि स्थायी संघर्ष विराम की स्थिति में ही क़ैदियों की रिहाई पर बात होगी।

सुरक्षा परिषद में भी यह कोशिशें शुरू हो गई हैं कि ग़ज़ा में संघर्ष विराम है और अमरीका को इस मामले में वीटो पावर इस्तेमाल करने से रोका जाए। मंगलवार की शाम सुरक्षा परिषद में संघर्ष विराम के प्रस्ताव पर मतदान होना था जो टाल दिया गया। चूंकि ग़ज़ा युद्ध की वजह से पूरे इलाक़े में तनाव है और जंग का दायरा बढ़ जाने की संभावना बनी हुई है इसलिए यह आशा जताई जा रही है कि इस बार संभावित रूप से अमरीका संघर्ष विराम के प्रस्ताव को वीटो नहीं करेगा।

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर पर हमें फ़ालो कीजिए 

फेसबुक पर हमारे पेज को लाइक करें।