ग़ज़्ज़ा की हातल से राष्ट्रसंघ भी है बहुत दुखी
ग़ज़्ज़ा को वर्तमान समय में एक बहुत ही गंभीर मानवीय त्रासदी का सामना करना पड़ रहा है।
फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली राष्ट्रसंघ की एजेन्सी UNRWA ने घोषणा की है कि ग़ज़्ज़ा की स्थति बहुत ही दयनीय हो चुकी है।
अनरवा के मीडिया प्रभारी जूलियट थोमस ने ग़ज़्ज़ा की वर्तमान स्थति को बहुत ही कष्टदायक बताया है। इस बारे में उनका कहना है कि ग़ज़्ज़ा की हालत लोगों को हिला देने वाली है। यहां की एक चौथाई जनता के पास खाने को कुछ भी नहीं है और वे भुखमरी का शिकार हैं।
उन्होंने बताया कि ग़ज़्ज़ा का तो पहले से ही परिवेष्टन जारी था अब हमलों के बाद वहां पर ज़रूरत की चीज़ों से ग़ज़्ज़ावासी वंचित हो चुके हैं। वहां पर भेजी जाने वाली मानवीय सहायता को उनतक पहुंचने नहीं दिया जा रहा है।
राष्ट्रसंघ की इस एजेन्सी के मीडिया प्रभारी कह रहे हैं कि ग़ज़्ज़ा के लोग बहुत ही थके हुए दिखाई दे रहे हैं। वे भय के वातावरण में जीवन गुज़ार रहे हैं। वहां पर ज़ायोनियों की ओर से हमले लगातार किये जा रहे हैं।
थोमस ने कहा कि इस समय ग़ज़्ज़ा को सबसे अधिक ज़रूरत एक स्थाई युद्ध विराम और मानवीय सहायता की है। ग़ज़्ज़ा की स्थति को लेकर इससे पहले भी अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं की ओर से चेतावनी दी जाती रही है। ग़ज़्ज़ापर इस्राईल की बमबारी से वहां चारों ओर विनाश ही विनाश दिखाई दे रहा है। ज़ायोनियों के हमलों में अबतक 20 हज़ार से अधिक फ़िलिस्तीनी वहां पर शहीद हो चुके हैं।
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