यमन की सेना अमरीका से टकराने के लिए तैयारः अलबुख़ैती
यमन के हमलों के कारण ज़ायोनी बंदरगाह ईलात जहाज़ों से ख़ाली हो चुका है।
मिस्री चैनेल "अलक़ाहिरा अलअख़बारिया" के अनुसार यमन की सेना के मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण अवैध ज़ायोनी शासन की ईलात बंदरगाह, जहाज़ों से ख़ाली हो गई है।
यह क्षेत्र जहां पर एक ओर बंदरगाही नगर है वहीं पर ज़ायोनी शासन का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भी माना जाता है जो अब अपना आकर्षक खोता हुआ दिखाई दे रहा है।
इसी बीच यमन की सशस्त्र सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि किसी भी प्रकार की धमकी के बावजूद, फ़िलिस्तीनियों को लेकर हमारी नीति बहुत ही स्पष्ट है जो किसी भी हालत में बदलने वाली नहीं है। उनका कहना है कि हम अपने फ़िलिस्तीनी भाइयों के समर्थन में कार्यवाहियों को जारी रखेंगे।
उधर असांरुल्ला आन्दोलन के नेता मुहम्मद अलबुख़ैती ने शुक्रवार की रात को कहा है कि यमन की सेना अमरीका से टकराने के लिए तैयार है। शुक्रवार को यमन के विभिन्न नगरों में ग़ज़्ज़ा के समर्थन में व्यापक प्रदर्शन किये गए थे। प्रदर्शनकारियों ने अरब राष्ट्रों से अमरीकी और ज़ायोनी उत्पादों के बहिष्कार की मांग की।
याद रहे कि यमन की सेना ने ग़ज़्ज़ा वासियों का समर्थन करते हुए अवैध ज़ायोनी शासन के दक्षिण में स्थित ईलात बंदरगाह पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किये। यमन की सशस्त्र सेना की ओर से घोषणा की जा चुकी है कि वह लाल सागर और बाबुल मंदब जलडमरू मध्य में अवैध ज़ायोनी शासन के लिए सामान ले जाने वाले हर जहाज़ को लक्ष्य बनाएगी।
दूसरी ओर ब्रिटिश समुद्री व्यापार संगठन UKMTO ने भी घोषणा की है कि हुदैदा बंदरगाह से 55 नाटिकल माइल्स की दूरी पर एक घटना की सूचना मिली है।
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