अलआरूरी की हत्या बिना जवाब के नहीं रहेगीः सैयद हसन नस्रुल्लाह
लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नस्रुल्लाह ने कहा है कि शैख अलआरूरी की हत्या एक खतरनाक अपराध है और वह निरुत्तर नहीं रहेगी और रणक्षेत्र इस बात को सिद्ध कर देगा।
सैयद हसन नस्रुल्लाह ने जनरल क़ासिम सुलैमानी और अबू मेंहदी अलमोहन्दिस की शहादत की चौथी बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि शैख सालेह अलआरूरी एक एसे इंसान थे जिन्होंने अपनी उम्र जेहारद और प्रतिरोध के मार्ग में बिता दी और अंत में वे शहीद भी हो गये।
सैयद हसन नस्रुल्लाह ने कहा कि जनरल कासिम सुलैमानी वह हस्ती थे जिन्होंने प्रतिरोधों के मध्य समन्वय उत्पन्न किया और वह चाहते थे कि सहयोग, अनुभवों के आदान प्रदान, समरसता और क्षेत्र में भविष्य के बारे में समान दृष्टिकोण मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि प्रतिरोध अपने दृष्टिकोणों को दूसरे पक्ष पर नहीं थोपता है और नसीहतों को सुनता है और दूसरे के अनुभवों से लाभ उठाता है कि अलअक्सा तूफान में हम इसके साक्षी हैं।
इसी प्रकार उन्होंने कहा कि प्रतिरोध का दृष्टिकोण स्ट्रैटेजिक और पारदर्शी है और हर प्रतिरोध अपने काम में स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि गज्जा की उपलब्धियां दो दशकों तक फिलिस्तीनी गुटों, जनरल कासिम सुलैमानी और सिपाहे पासदारान में उनके भाइयों व सहयोगियों के प्रयासों का परिणाम हैं। MM
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