प्रतिरोधी कमांडरों की हत्याओं के पीछे इस्राईल की क्या मंशा है?
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ग़ज़ा युद्ध में अपने घोषित लक्ष्यों के प्राप्त करने में नाकामी के बाद, इस्राईल ने क्षेत्र में प्रतिरोधी आंदोलनकारियों की टारगेट क्लिंग शुरू कर दी है।
(last modified 2024-01-10T05:22:50+00:00 )
Jan १०, २०२४ १०:५२ Asia/Kolkata
  • प्रतिरोधी कमांडरों की हत्याओं के पीछे इस्राईल की क्या मंशा है?

ग़ज़ा युद्ध में अपने घोषित लक्ष्यों के प्राप्त करने में नाकामी के बाद, इस्राईल ने क्षेत्र में प्रतिरोधी आंदोलनकारियों की टारगेट क्लिंग शुरू कर दी है।

हाल के दिनों में अमरीका और ज़ायोनी शासन ने प्रतिरोधी कमांडरों के ख़िलाफ़ 4 आतंकवादी कार्रवाइयां की हैं। सीरिया में ईरानी कमांडरों में से एक सैयद रज़ी मूसवी, हिज़्बुल्लाह के ऑपरेशन विभाग के प्रमुख कमांडरों और अधिकारियों में से एक विसाम अल-तविल, हमास आंदोलन के राजनीतिक कार्यालय के उप प्रमुख सालेह अल-अरूरी को शहीद किया गया है।

ज़ायोनी शासन ने इराकी अल-नुजबा आंदोलन के कमांडर अबू तक़वी अल-सईदी की भी हत्या कर दी। इस बीच, हिब्रू मीडिया में प्रकाशित एक दस्तावेज़ के अनुसार, इस्राईली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयायांद, इस्राईल ने क्षेत्र में टेहू ने इस शासन के जासूसी तंत्र को प्रतिरोध के नेताओं को ख़त्म करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार करने का आदेश दिया है।

यहां सवाल यह उठता है कि यह हत्याएं किन परिस्थितियों में और किस उद्देश्य से की गईं? यह हत्याएं ऐसे माहौल में की गईं जहां ग़ज़ा के खिलाफ 3 महीने के युद्ध के दौरान ज़ायोनी शासन अपने दो मुख्य सैन्य लक्ष्यों, यानी बंधकों की रिहाई और हमास का विनाश में किसी एक को भी हासिल नहीं कर सका है।

दूसरी ओर, यह हत्याएं ऐसी स्थिति में की गईं, जब क़ब्जे वाले क्षेत्रों में नेतनयाहू की कैबिनेट के ख़िलाफ़ प्रदर्शन बढ़ गए हैं और साथ ही, नेतनयाहू की कैबिनेट के भीतर तनाव और मतभेद सार्वजनिक हो गए हैं। इसलिए, ऐसी स्थिति में, नेतनयाहू ने लोगों का ध्यान भटकाने, ग़ज़ा युद्ध में मिल रही हार पर पर्दा डालने और अपनी सरकार बचाने के लिए प्रतिरोधी कमांडरों को निशाना बनाने की योजना तैयार की है।

दरअसल, ग़ज़ा में हार से बचने के लिए ज़ायोनी शासन अमरीका की मौजूदगी में पश्चिम एशियाई क्षेत्र में एक बड़ा युद्ध छेड़ने की कोशिश कर रहा है। तेल-अवीव का विचार है कि युद्ध में अमेरिका की प्रत्यक्ष उपस्थिति और ईरान को शामिल करने से वह ग़ज़ा में अपमान से बच जाएगा।

प्रतिरोधी कमांडरों की हत्या में ज़ायोनी शासन का एक अन्य महत्वपूर्ण लक्ष्य प्रतिरोध नेटवर्क के ख़िलाफ़ ज़ायोनी सेना के आत्मविश्वास और प्रतिरोध को बहाल करने के बजाय, प्रतिरोध के मनोबल को नष्ट करना और कमांड संरचनाओं को कमज़ोर करना है। दूसरे शब्दों में ज़ायोनी शासन ने युद्ध के मैदान में जो हासिल नहीं किया, वह प्रतिरोध के विरुद्ध आतंक और मनोवैज्ञानिक युद्ध से हासिल करने की कोशिश कर रहा है।