इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस के फ़ैसले से ग़ज़ा में लोग निराश
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ग़ज़ा में फ़िलिस्तीनियों का कहना है कि इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस द्वारा पिछले लगभग चार महीने से जारी नरसंहार को रोकने के लिए इस्राईल को आदेश नहीं देने से वे बहुत निराश हैं।
(last modified 2024-01-27T04:23:52+00:00 )
Jan २७, २०२४ ०९:५२ Asia/Kolkata
  • इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस के फ़ैसले से ग़ज़ा में लोग निराश

ग़ज़ा में फ़िलिस्तीनियों का कहना है कि इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस द्वारा पिछले लगभग चार महीने से जारी नरसंहार को रोकने के लिए इस्राईल को आदेश नहीं देने से वे बहुत निराश हैं।

दक्षिण अफ़ीक़ा ने आईसीजे में ग़ज़ा युद्ध में इस्राईल के नरसंहार को रुकवाने के लिए एक मुक़दमा दायर किया था, जिस पर शुक्रवार को अदालत ने फ़ैसला सुनाते हुए इस्राईल से कहा है कि वह ग़ज़ा में सहायता वितरण में बाधा डालने से परहेज़ करे और मानवीय स्थिति में सुधार करे।

अदालत ने अपने फ़ैसले में कुछ उपाय सुझाए हैं, जिसमें इस्राईल को 1948 के नरसंहार कंवेंशन का पालन करने, ग़ज़ा में अधिक मानवीय सहायता की अनुमति देने और नरसंहार संबंधी बयान जारी करने वालों के ख़िलाफ़ कार्यवाही करने की आवश्यकता पर बल दिया है।

लेकिन इसी के साथ अंतरराष्ट्रीय अदालत ने तुरंत युद्ध विराम के लिए आदेश जारी नहीं किया, जिसकी दक्षिण अफ़्रीक़ा ने मांग की थी।

ग़ज़ा में लोगों का कहना है कि वे निराश हैं, लेकिन आश्चर्यचकित नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें न तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर भरोसा है और न ही वैश्विक न्याय प्रणाली पर, क्योंकि वे अब तक यहां रक्तपात को रोकने में विफल रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक़, 7 अक्तूबर के बाद से ग़ज़ा में इस्राईल के हमलों में 26,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी शहीद हो चुके हैं और लगभग 1.9 मिलियन विस्थापित हुए हैं। msm