ख़ान युनुस के अस्पताल में कभी भी हो सकती है त्रास्दी
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दक्षिणी ग़ज़ा पट्टी के ख़ान युनुस शहर का अस्पताल ज़ायोनी सैनिकों की घेराबंदी में है। अस्पताल में मौजूद बीमार और वहां का मेडिकल स्टाफ़ भयानक त्रास्दी की कगार पर पहुंच चुके हैं।
(last modified 2024-01-28T05:07:34+00:00 )
Jan २८, २०२४ १०:३७ Asia/Kolkata
  • ख़ान युनुस के अस्पताल में कभी भी हो सकती है त्रास्दी

दक्षिणी ग़ज़ा पट्टी के ख़ान युनुस शहर का अस्पताल ज़ायोनी सैनिकों की घेराबंदी में है। अस्पताल में मौजूद बीमार और वहां का मेडिकल स्टाफ़ भयानक त्रास्दी की कगार पर पहुंच चुके हैं।

अस्पताल में दवाएं ख़त्म हो गई हैं और छह दिन से अस्पताल को ज़ायोनी सैनिकों ने घेर रखा है। फ़िलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ज़ायोनी सेना के टैंक ख़ान युनुस में अलफ़ख़ारी मुहल्ले में दाख़िल हुए हैं और उन्होंने शहर के मुख्य अस्पताल पर गोलबारी कर दी। शरणार्थियों के लिए बनाए गए शिविरों पर भी ज़ायोनी सैनिकों ने गोले बरसाए।

ख़ान युनुस के तहलिया और मनारा नाम के इलाक़ों पर ज़ायोनी सेना ने गोलाबारी की जबकि ज़ायोनी सेना के युद्धक विमानों ने दक्षिणी ग़ज़ा पट्टी के तल हवा इलाक़े पर बमबारी की।

फ़िलिस्तीन अलयौम के पत्रकार के अनुसार उत्तरी ग़ज़ा पट्टी के बैत लाहिया में ज़ायोनी सैनिकों और फ़िलिस्तीनी संघर्षकर्ताओं की भीषण झड़पें हो रही हैं।

ख़ान युनुस में ज़ायोनी सैनिकों ने एक आवासीय इमारत पर बमबारी की जिसमें कई लोग शहीद और घायल हो गए। ज़ायोनी सेना के तोपख़ाने ने शनिवार की रात उत्तरी ग़ज़ा पट्टी पर हमले किए थे।

ज़ायोनी सेना के टैंकों और बक्तरबंद गाड़ियों ने तूबास शहर पर हमला किया जिसका जवाब फ़िलिस्तीनी संघर्षकर्ताओं ने भी दिया। जेनिन के दक्षिण में क़ुबाता शहर में भी फ़िलिस्तीनियों और ज़ायोनी सैनिकों की झड़पें हुई हैं। नाबलुस के क़रीब बीता गांव पर ज़ायोनी सेना ने धावा बोल दिया और कई फ़िलिस्तीनियों को गिरफ़तार कर लिया।

क़लक़ेलिया के क़रीब भी ज़ायोनी सैनिकों ने फ़िलिस्तीनियों पर हमला किया है।

हमास की ओर से शनिवार को एक बयान में कहा गया कि सात अक्तूबर के बाद से ज़ायोनी सेना के हमलों में शहीद होने वाले पत्रकारों की संख्या 120 हो गई है।

फ़िलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ज़ायोनी शासन के हमलों में शहीद होने वाले फ़िलिस्तीनियों की संख्या 26 हज़ार 257 हो चुकी है जबकि घायलों की संख्या 64 हज़ार 797 है। 8 हज़ार लोग अभी लापता हैं जो मल्बे के नीचे दबे हो सकते हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष रिपोर्टर बालाकृष्णन राजगोपाल ने बताया है कि आठ देशों ने फ़िलिस्तीनियों के पुनरवास और रोज़गार के लिए काम करने वाली संस्था यूनएनआरडब्ल्यूए की आर्थिक मदद रोक दी है। उन्होंने कहा कि यह फ़िलिस्तीनियों को सामूहिक रूप से दंडित करने की कार्यवाही है। उन्होंने कहा कि यह नहीं हो सकता कि कुछ लोगों के बारे में ग़लतियों का दावा कर दिए जाने भर से सहायता रोक दी जाए और पूरी क़ौम को दंड दिया जाए।

उन्होंने कहा कि ज़ायोनी शासन यहां अतिग्रहणकारी शासन है उसे चाहिए कि ग़ज़ा के लोगों के लिए ज़रूरी चीज़ें उपलब्ध कराए।

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