इस्राईल के हमलों में हिज़्बुल्लाह के 5 जवान शहीद
लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह ने मंगलवार की सुबह एलान किया कि उसके पांच लड़ाके बैतुल मुक़द्दस के रास्ते में और ग़ज़्ज़ा के मज़लूम लोगों का समर्थन करते हुए शहीद हो गए।
हिज़्बुल्लाह ने अपने तीन शहीद संघर्षकर्ताओं के नामों का एलान किया है। बयान में बताया गया है कि ये लोग तूलुसा शहर के निवासी थे जो बैतुल मुक़द्दस के रास्ते में लेबनान के दक्षिण में ज़ायोनी सैनिकों के हमले में शहीद हो गए।
हिज़्बुल्लाह के इन पांच जियालों की शहादत ऐसे समय में हुई है जब हिज़्बुल्लाह के एक सांसद इब्राहीम अल-मूसवी ने सोमवार रात ज़ायोनी शासन को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि ज़ायोनी शासन कोई बड़ी मूर्खता करेगा या अपनी सीमा पार करने का प्रयास करेगा तो उसे उचित जवाब दिया जाएगा।
इब्राहिम अल-मूसवी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि दुश्मन को पता होना चाहिए कि वह प्रतिरोध का सामना कर रहा है और एक ऐसा राष्ट्र है जिसके पास बहुत ताकत है और वह धमकियों से पीछे नहीं हटता।
उन्होंने कहा कि ग़ज़्ज़ा युद्ध के लगभग पांच महीनों के बाद, युद्ध के समीकरण बदल गए हैं और जब भी दुश्मन ने लेबनान में कोई ऑपरेशन किया है, हिजबुल्लाह ने उसी तरह से जवाबी कार्रवाई की है।
लेबनान के इस राजनेता के हवाले से ज़ायोनी मीडिया ने रिपोर्ट दी है कि हिज़्बुल्लाह ने 2006 के युद्ध की तुलना में इस्राईल के ख़िलाफ तीन गुना अधिक रॉकेट दाग़े हैं।
इस्राईली मीडिया का कहना है कि 8 अक्टूबर से लेकर अब तक हिज़्बुल्लाह ने इस्राईल पर 600 रॉकेट दागे हैं। (AK)