ग़ज़्ज़ा की भयावह स्थिति से संरा चिंतित
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयोग में पश्चिम एशिया विभाग के प्रमुख ने कहा है कि ग़ज़्ज़ा युद्ध के दौरान जितने नागरिक शहीद हुए, उसकी अतीत में कोई मिसाल नहीं है।
अल-जज़ीरा चैनल के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के पश्चिम एशिया विभाग के प्रमुख मोहम्मद अल-नसूर ने इस्राईल के अपराधों की निंदा की है और क़ब्ज़ा करने वाली ज़ायोनी से इन उल्लंघनों के बारे में स्पष्टीकरण देने को कहा है लेकिन इस अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
मुहम्मद अल-नसूर ने कहा कि अत्याचारी ज़ायोनी शासन ने 7 अक्टूबर से अब तक 110 पत्रकारों को शहीद कर दिया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ज़ायोनी शासन को प्रभावित करने वाले देशों को उस पर और अधिक दबाव डालना चाहिए।
इस बीच, ब्रिटिश विदेशमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि अगर इस्राईल ग़ज़्ज़ा के नागरिकों को भोजन और पानी से वंचित करता है, तो वह एक अतिग्रहणारी शक्ति के रूप में अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का दोषी है।
ब्रिटिश विदेशमंत्री ने कहा कि ज़ायोनी सैनिकों ने स्वयं घोषित किया है, कि रफ़ह के लोगों के लिए क्षेत्र छोड़ना संभव नहीं है लेकिन उन्होंने ज़ायोनी शासन को हथियार भेजना बंद करने के अनुरोध का जवाब देने से इनकार कर दिया। (AK)
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