इस्राईल और अमरीका के ख़िलाफ़ इस्लामी प्रतिरोधी संगठनों के जवाबी हमले
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पीड़ित फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में इराक़ के प्रतिरोधी संगठनों ने ज़ायोनी शासन के क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में सफल हमले किए हैं।
(last modified 2024-03-20T11:04:24+00:00 )
Mar २०, २०२४ १६:३३ Asia/Kolkata
  • इस्राईल और अमरीका के ख़िलाफ़ इस्लामी प्रतिरोधी संगठनों के जवाबी हमले

पीड़ित फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में इराक़ के प्रतिरोधी संगठनों ने ज़ायोनी शासन के क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में सफल हमले किए हैं।

इराक़ी प्रतिरोध का कहना है कि उसने इस्राईल के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बिन गोरियन को कई ड्रोन विमानों से निशाना बनाया है।

दूसरी ओर यमनी सेना ने भी इस्राईल की बंदरगाह ईलात पर मिसाइल हमला किया है।

यमनी बलों ने रेड सी में एक अमरीकी जहाज़ मादो को भी निशाना बनाया है।

लेबनान के इस्लामी प्रतिरोधी आंदोलन हिज़्बुल्लाह ने इस्राईल के कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों की बारिश की है।

ज़ायोनी शासन अमरीका और पश्चिमी देशों के भरपूर समर्थन से 7 अक्तूबर से ग़ज़ा के पीड़ित लोगों का नरसंहार कर रहा है।

इस्राईली सेना में ग़ज़ा में अब तक 31,000 से ज़्यादा लोगों का क़त्लेआम कर चुकी है, जिनमें अधिकांश संख्या बच्चों और महिलाओं की है।

1948 में इस्राईल की अवैध स्थापना के बाद से ही यह शासन विभिन्न साज़िशों के तहत फ़िलिस्तीनियों का नरसंहार कर रहा है और उन्हें उन्हें उजाड़कर उनके घरों और ज़मीनों पर क़ब्ज़ा करता रहा है। msm