"ग़ज़ा युद्ध में 262 पत्रकार शहीद हो गए"
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पार्स टुडे: ग़ज़ा पट्टी में सरकारी मीडिया कार्यालय ने घोषणा की कि अक्टूबर 2023 में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक इस क्षेत्र में 262 पत्रकार और मीडिया कार्यकर्ता शहीद हो चुके हैं।
(last modified 2026-05-03T12:03:54+00:00 )
May ०३, २०२६ १७:२५ Asia/Kolkata

पार्स टुडे: ग़ज़ा पट्टी में सरकारी मीडिया कार्यालय ने घोषणा की कि अक्टूबर 2023 में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक इस क्षेत्र में 262 पत्रकार और मीडिया कार्यकर्ता शहीद हो चुके हैं।

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार ग़ज़ा पट्टी में सरकारी मीडिया कार्यालय ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 3 मई के अवसर पर एक बयान में घोषणा की कि अक्टूबर 2023 में ग़ज़ा में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक इस क्षेत्र में 262 पत्रकार और मीडिया कार्यकर्ता शहीद हो चुके हैं और 420 पत्रकार घायल हुए हैं।

 

इस बयान के अनुसार घायलों में अंग विच्छेदन और स्थायी विकलांगता वाले गंभीर चोटें शामिल हैं। साथ ही उस समय से अब तक लगभग 50 पत्रकारों को सबसे कठोर कार्रवाई के साथ हिरासत में लिया गया है। तीन पत्रकार अभी भी लापता हैं और इस निकाय के अनुसार, उनके भाग्य पर अनिश्चितता का साया है।

 

इस फ़लस्तीनी निकाय ने ज़ोर देकर कहा कि ये कार्रवाइयाँ मानवीय कानून के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हैं और इन्हें युद्ध अपराध का उदाहरण माना जा सकता है।

 

ग़ज़ा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय तथा मीडिया और मानवाधिकार संगठनों से फ़लस्तीनी पत्रकारों को निशाना बनाए जाने को रोकने, उनके लिए तत्काल अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और इन कार्यों के दोषियों को संबंधित अंतर्राष्ट्रीय न्यायालयों में सजा दिलाने के लिए ठोस और तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया।

 

इस निकाय ने पत्रकारों को निशाना बनाने, उनकी हत्या करने और उन्हें हिरासत में लेने के लिए इज़राइल को सीधे तौर पर ज़िम्मेदार ठहराया और ज़ोर देकर कहा कि इन कार्यों के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी अंतर्राष्ट्रीय न्याय प्रणाली का एक खतरनाक कमजोर करना है। mm