बहरैनी मानवाधिकार कार्यकर्ता नबील रजब फिर गिरफ़्तार
बहरैन के सुरक्षाबलों ने इस देश के मानवाधिकार केन्द्र के प्रमुख को पुनः गिरफ़्तार कर लिया।
अलआलम की रिपोर्ट के अनुसार बहरैनी सुरक्षाबलों ने बहरैन के मानवाधिकार केन्द्र के प्रमुख नबील रजब को फिर गिरफ़्तार कर लिया। नबील रजब को अबतक कई बार गिरफ़्तार किया जा चुका है। इससे पहले इस मानवाधिकार कार्यकर्ता को जन प्रदर्शनों में भाग लेने के आरोप में बहरैन सरकार ने गिरफ़तार करके दो वर्ष की सज़ा सुनाई थी।
अन्तिम बार सन 2015 में नबील रजब को बहरैन की सरकार ने 6 महीने की सज़ा दी थी। न्यायालय ने उन पर बहरैन के रक्षामंत्रालय और देश के अनादर का आरोप लगाया था।
बहरैन के कुछ जानकारों का कहना है कि नबील रजब को देश के अपमान के लिए नहीं बल्कि इसलिए सज़ा सुनाई गई थी क्योंकि उन्होंने यमन पर सऊदी अरब के आक्रमणों की निंदा की थी। इस बहरैनी मानवाधिकार कार्यकर्ता ने यमन पर सऊदी अरब के पाश्विक आक्रमण को अन्तर्राष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया था।
उल्लेखनीय है कि बहरैन की सरकार नबील रजब को अब तक कई बार विभिन्न बहानों से जेल में डाल चुकी है।