यमन की सऊदी अरब को चेतावनी: "कठोर दंड की प्रतीक्षा करें"
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यमन का विदेश मंत्रालय
पार्स टुडे – यमन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में सऊदी अरब को चेतावनी दी कि यदि उसने यमन की नाकाबंदी नहीं हटाई तो उसे कठोर दंड की प्रतीक्षा करनी चाहिए।
पार्स टुडे के अनुसार यमन के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार सुबह एक बयान में घोषणा किया कि "सऊदी अरब यमन के साथ अपने अधीन क्षेत्र जैसा व्यवहार करता है।" इस मंत्रालय ने कहा कि "सऊदी अरब यमनी लोगों के साथ एक उच्च स्थान से व्यवहार करता है और उन पर यह एहसान जताता है कि वह भोजन और दवा ले जाने वाले जहाजों को यमनी बंदरगाहों में प्रवेश करने की अनुमति देता है।"
इस बयान में आगे कहा गया है कि "यमनी लोग कभी भी उन दसियों हजार शहीदों का खून नहीं भूलेंगे जो पिछले 12 वर्षों के दौरान सऊदी हवाई हमलों में शहीद हुए हैं।"
यमन के विदेश मंत्रालय ने यह भी जोर देकर कहा कि "यह आवश्यक है कि सऊदी अरब यमन से अपना हाथ हटा ले और उसके आक्रमण और नाकाबंदी को समाप्त कर दे; अन्यथा उसे भविष्य में कठोर दंड की प्रतीक्षा करनी होगी।"
इस मंत्रालय ने कहा:
"सऊदी अरब को पता होना चाहिए कि रियाध हवाई अड्डे की स्थिति, सना हवाई अड्डे की स्थिति जैसी होनी चाहिए और यनबू, जीज़ान और अन्य बंदरगाहों की स्थिति अल-हुदैदा बंदरगाह की स्थिति जैसी होनी चाहिए।"
इस बयान में आगे कहा गया है:
"सऊदी अरब को पता होना चाहिए कि सही रास्ते पर वापस लौटने की लागत, पिछली गलतियों और आक्रमण को जारी रखने की लागत से कहीं कम है। यमन की माँग स्पष्ट है और वह है पूर्ण स्वतंत्रता, पूर्ण संप्रभुता और कानूनी अधिकार न अधिक और न कम। यमनी राष्ट्र इसके अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं करेगा।"
इस मंत्रालय ने इस बयान में आगे कहा:
"सऊदी अरब अपने किराए के ठगों के पीछे छिपने का प्रयास करता है लेकिन पिछले 12 वर्षों के दौरान यमन गणराज्य के खिलाफ लगभग 250,000 हवाई हमले, जो कुछ हुआ है, उसकी सच्चाई को साबित करते हैं।" mm