सुरक्षा परिषद के बयान ध्यान देने योग्य नहीं हैंः अंसारुल्लाह आंदोलन
यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य ने एक संदेश में इस बात पर ज़ोर देते हुए कि उन्होंने अपने अधिकारों को वापस लेने का संकल्प कर लिया है, कहा कि सुरक्षा परिषद के बयान ध्यान देने योग्य नहीं हैं।
यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हिज़ाम अल-असद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक संदेश में लिखा कि उनका राष्ट्र ईश्वर पर भरोसा करते हुए अपने अधिकारों को वापस लेगा, नाकाबंदी को तोड़ेगा और पूरी ताकत के साथ अपनी पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करेगा।
उन्होंने कहा कि जो ज़बरदस्ती लिया गया है, वह केवल ज़बरदस्ती से ही वापस लिया जा सकता है, उन्होंने अपने अधिकारों को वापस लेने का संकल्प कर लिया है।
यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, जो 12 वर्षों के दौरान यमन की नाकाबंदी, उसके लोगों पर आक्रमण और उससे उत्पन्न सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी के बारे में न्यायसंगत रुख अपनाने, ग़ज़ा पट्टी के निवासियों के नरसंहार को रोकने और अमेरिका और इसराइल के इस्लामी देशों और राष्ट्रों पर आक्रमण के खिलाफ़ रुख अपनाने में असमर्थ रही है, उसके बयान ध्यान देने योग्य नहीं हैं। mm