बहरैन में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी भंग
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14 सितंबर 2015 मनामा के उपनगरीय भाग में आयोजित प्रदर्शन के दौरान महिलाएं शैख़ अली सलमान की तस्वीर उठाए हुए
बहरैन में अदालत ने इस देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी राष्ट्रवादी अलवेफ़ाक़ पार्टी को भंग कर दिया है। इससे पहले इस पार्टी पर लगभग एक महीने तक गतिविधियां करने पर रोक लगी हुयी थी।
रविवार को बहरैन में अदालत ने अलवेफ़ाक़ राष्ट्रीय पार्टी को भंग करने और उसके खाते सील करने का आदेश जारी किया।
बहरैन में न्याय मंत्री ने 14 जून 2016 को मुख्य विपक्षी पार्टी की गतिविधियों पर रोक लगा दी थी।
बहरैन में अलवेफ़ाक़ राष्ट्रीय पार्टी का भंग किया जाना, इस देश में राजनैतिक विरोध को व्यापक स्तर पर दबाने का क्रम है जिसके बारे में पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस क़दम से इस देश में और विरोध प्रदर्शन बढ़ेंगे। बहरैन में आले ख़लीफ़ा शासन को मध्य फ़रवरी 2011 से जनक्रान्ति का सामना है।
अनेक मानवाधिकार संगठनों ने अलवेफ़ाक़ को भंग करने की निंदा करते हुए इसे विरोध के स्वर को दबाने का भाग बताया है।
ज्ञात रहे अलवेफ़ाक़ पार्टी के महासचिव शैख़ अली सलमान, शासन को गिराने और विदेशी शक्तियों के साथ सहयोग करने के आरोप में दिसंबर 2014 से जेल में हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे इन आरोपों को रद्द किया है। जून 2015 में बहरैन में अदालत ने शैख़ अली सलमान को पहले 4 साल की जेल की सज़ा सुनायी थी उसके बाद यह सज़ा बढ़ा कर 9 साल कर दी है।
दूसरी ओर बहरैन के धर्मगुरु शैख़ इसा क़ासिम पर भी इसी प्रकार के आरोप लगाकर उनकी नागरिकता रद्द कर दी गयी है। (MAQ/N)