विदेशी सैनिकों की मदद की कोई ज़रूरत नहीं- इराक़ सरकार
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अमरीका की ओर से इस एलान के बाद कि मूसिल शहर की आज़ादी में इराक़ी सेना की कथित मदद के लिए लगभग 560 अमरीकी सैनिक इराक़ भेजेगा, इराक़ सरकार ने विदेशी सैनिकों की मदद के विषय को कड़ाई से ख़ारिज किया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul २५, २०१६ १०:४६ Asia/Kolkata
  • विदेशी सैनिकों की मदद की कोई ज़रूरत नहीं- इराक़ सरकार

अमरीका की ओर से इस एलान के बाद कि मूसिल शहर की आज़ादी में इराक़ी सेना की कथित मदद के लिए लगभग 560 अमरीकी सैनिक इराक़ भेजेगा, इराक़ सरकार ने विदेशी सैनिकों की मदद के विषय को कड़ाई से ख़ारिज किया है।

इराक़ी प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने सअद हदीसी ने एक बयान में कहा, “इराक़ सरकार को आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय समर्थन चाहिए लेकिन आतंकवादी गुट दाइश से लड़ाई और उसके क़ब्ज़े वाले इलाक़ों पर नियंत्रण के लिए विदेशी सैनिकों की ज़रूरत नहीं है।”

इराक़ी प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने बल दिया कि इराक़ी सेना और स्वयंसेवी बलों ने बग़दाद के कर्रादा के अपराधी आतंकियों सहित अन्य अपराधी आतंकियों से बदला ले लिया और 1000 से ज़्यादा आतंकियों का सफ़ाया किया।

ज्ञात रहे अमरीकी रक्षामंत्री एश्टन कार्टर ने ऐसी स्थिति में 11 जुलाई को इस बात का एलान किया कि लगभग 560 अमरीकी सैनिक इराक़ के उत्तरी प्रांत नैनवा के केन्द्र मूसिल की आज़ादी में इराक़ी सैनिकों की मदद करेंगे कि इराक़ सरकार ने अमरीका से इस प्रकार किसी मदद की अपील नहीं की है।

एश्टन कार्टर के इस बयान पर कई इराक़ी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया जतायी है।

इराक़ के सद्र धड़े के नेता मुक़्तदा सद्र ने कई दिन पहले इस बात की ओर इशारा करते हुए कि अमरीका ने इराक़ में दाइश को भेजा है, कहा कि अगर विदेशी सैनिकों ने हस्तक्षेप किया तो उनके विरुद्ध अतिक्रमणकारियों की तरह व्यवहार किया जाएगा।

ज्ञात रहे इराक़ी सेना, स्वयंसेवी बलों के साथ मिलकर फ़ल्लूजा और रेमादी सहित कई महत्वपूर्ण शहरों को आतंकियों के क़ब्ज़े से आज़ाद कराने में सफल हुई है न कि विदेशी सैनिकों की मदद से। (MAQ/N)