पाबंदियों के बावजूद संघर्षकर्ता की शवयात्रा में शामिल हुई बहरैनी जनता
बहरैनी संघर्षकर्ता की शवयात्रा में भाग लेने वालों ने इस देश में राजनैतिक बंदियों को यातना दिए जाने और उनके अधिकारों के उल्लंघन की भर्त्सना की।
इर्ना के अनुसार, बहरैन में आले ख़लीफ़ा शासन के सुरक्षा तंत्र की ओर से पाबंदियों के बावजूद, हज़ारों लोग मंगलवार को हसन अलहाएकी की शवयात्रा में शामिल हुए जिनकी हाल में बहरैन में एक जेल में आले ख़लीफ़ा शासन के कारिन्दों की ओर से यातना से मौत हुयी थी।
उनकी शवयात्रा में शामिल लोगों के हाथों में उनकी तस्वीर थी। बहरैनी जनता ने जेल में क़ैदियों को यातनाएं देने और उनके अधिकारों के हनन को अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के ख़िलाफ़ बताया है।
बहरैनी जनता ने देश में अपराध में लिप्त अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्यवाही की मांग की।
इस समय बहरैन में सैकड़ों की संख्या में राजनैतिक क़ैदी बहुत ही बुरी स्थिति में क़ैद है।
बहरैन में फ़रवरी 2011 से आले ख़लीफ़ा शासन के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा है।
बहरैनी जनता देश में आज़ादी, न्याय की स्थापना, भेदभाव ख़त्म होने और जनता द्वारा चुनी गयी व्यवस्था की मांग कर रही है किन्तु आले ख़लीफ़ा शासन उसकी मांग का जवाब दमनकारी कार्यवाही से दे रहा है।(MAQ/N)