मूसिल के अतिग्रहण का मुख्य ज़िम्मेदार अमरीका
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इराक़ी सरकार और सेना मूसिल की आज़ादी की कार्यवाही शुरु करने का कार्यक्रम बना रही हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug ११, २०१६ १४:२५ Asia/Kolkata

इराक़ी सरकार और सेना मूसिल की आज़ादी की कार्यवाही शुरु करने का कार्यक्रम बना रही हैं।

मूसिल 10 जून 2014 को दाइश के अतिग्रहण में गया। इराक़ी सेना दाइश के अतिग्रहण से अंबार प्रांत को आज़ाद कराने के बाद अब इस आतंकी गुट को मूसिल से निकालने के चरण से क़रीब हो रही है।

इराक़ी प्रधान मंत्री हैदर अलएबादी ने बुधवार को बग़दाद में ‘दाइश के साथ इराक़ की जंग को अंतर्राष्ट्रीय समर्थन’ नामक कॉन्फ़्रेंस में कहा कि दाइश के ख़िलाफ़ कार्यवाही में शामिल सभी फ़ोर्सेज़ इराक़ी हैं और कोई भी विदेशी फ़ोर्से इराक़ की मदद नहीं कर रही है।

फ़ल्लूजा की आज़ादी के अनुभव ने इराक़ियों के सामने यह बात साबित कर दी कि राजनैतिक एकता व एकजुटता से चुनौतियों से निपटा जा सकता है और इसी तरह दाइश के ख़िलाफ़ लड़ाई में किसी प्रकार की विदेशी फ़ोर्स की मदद की ज़रूरत नहीं है।

अब जबकि मूसिल की आज़ादी के अभियान की उलटी गिनती शुरु हो गयी है इराक़ की भीतरी क्षमता का उपयोग ही इस देश की राष्ट्रीय संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता की ज़मानत बन सकता है।

मूसिल के अतिग्रहण में अमरीका की संलिप्तता के मद्देनज़र अमरीका सहित विदेशी फ़ोर्स पर निर्भरता से इराक़ के राष्ट्रीय हित पूरे नहीं होंगे।

मूसिल का अतिग्रहण इराक़ के 2003 में अतिग्रहण के बाद इस देश में अमरीका की विध्वंसक भूमिका की याद दिलाता है।

इराक़ के पूर्व प्रधान मंत्री नूरी मालेकी के अनुसार, मूसिल के अतिग्रहण से पहले अमरीकी सेना के कुछ बड़े अधिकारियों ने उत्तरी इराक़ में अलक़ाएदा के कुछ सरग़नाओं से मुलाक़ात में मूसिल के अतिग्रहण की समीक्षा की थी।

अमरीका में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार व पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की आप बीति पर आधारित किताब से भी दाइश को वजूद देने में अमरीका की संलिप्तता की पुष्टि होती है और यह किताब इराक़ सहित क्षेत्र में अमरीका की विध्वंसक गतिविधियों को साबित करने वाली दस्तावेज़ के समान है। (MAQ/T)