स्वयं सेवी सेना, दाइश की समाप्ति में एक अहम बल
https://parstoday.ir/hi/news/west_asia-i24538-स्वयं_सेवी_सेना_दाइश_की_समाप्ति_में_एक_अहम_बल
इराक़ के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के प्रमुख से मुलाक़ात में कहा है कि स्वयं सेवी बल ने इराक़ में आतंकी गुट दाइश की तबाही में अहम भूमिका निभाई है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep २६, २०१६ १२:५७ Asia/Kolkata

इराक़ के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के प्रमुख से मुलाक़ात में कहा है कि स्वयं सेवी बल ने इराक़ में आतंकी गुट दाइश की तबाही में अहम भूमिका निभाई है।

इब्राहीम जाफ़री  ने पीटर थाॅमसन से मुलाक़ात में कहा कि इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू आयतुल्लाह सीस्तानी के फ़त्वे  और उसके बाद गठित होने वाले स्वयं सेवी बल तथा इराक़ी सेना के साथ उसकी उपस्थिति ने आतंकवाद की समाप्ति और दाइश के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को मुक्त कराने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे पहले इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी ने भी महासभा की वार्षिक बैठक में अपने भाषण में कहा था कि इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू आयतुल्लाह सीस्तानी का फ़त्वा, दाइश से संघर्ष और इस आतंकी गुट से इराक़ की रक्षा के मार्ग में एक महत्वपूर्ण क़दम था।

 

आतंकी गुट दाइश ने 2014 से इराक़ में पैर पसारना आरंभ किया था और वह बड़ी तेज़ी से राजधानी बग़दाद की ओर बढ़ रहा था लेकिन उसी समय इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू आयतुल्लाह सीस्तानी ने ख़तरे को भांप कर एक फ़त्वा दिया और इराक़ी जनता से कहा कि वह सेना के साथ मिल कर दाइश से मुक़ाबला करे। इराक़ के सभी लोगों ने, चाहे वे शिया हों, सुन्नी हों, कुर्द हों या क़बायली हों, अनुदाहरणीय एकता का प्रदर्शन करते हुए आयतुल्लाह सीस्तानी की पुकार का सकारात्मक उत्तर दिया और बड़ी संख्या में लोगों ने सेना के साथ मिल कर दाइश से लड़ने के लिए अपनी तैयारी की घोषणा की। इसी के तुरंत बाद इराक़ में स्वयं सेवी सेना का गठन हुआ और उसने आतंकवाद से संघर्ष में अत्यंत प्रभावी भूमिका निभाई। सलाहुद्दीन, अलअम्बार और दियाला प्रांतों से दाइश का पीछे हटना, इराक़ी सेना के साथ ही इस बल के प्रयासों का ही परिणाम है। अब इन क्षेत्रों के लोग, जो अन्य प्रांतों में शरण ले चुके थे अपने घरों को लौट रहे हैं।

 

इराक़ की जनता, सेना और सरकार के भरपूर सहयोग ने दाइश को सीमित कर दिया है और निर्णायक युद्ध में उसकी स्थिति को कमज़ोर बना दिया है। इराक़ के उच्चाधिकारी हर अहम बैठक में स्वयं सेवी बल की अहम व प्रभावी भूमिका पर बल देते हैं और दाइश के समाप्ति के अभियान में उसकी सम्मिलित को आवश्यक बताते हैं। प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी ने स्वयं सेवी बल, सेना और सरकार के भरपूर सहयोग के दृष्टिगत ही वर्ष 2016 को इराक़ में दाइश की मौत का साल बताया है। (HN)