बहरैन में 38 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की यात्रा पर लगी रोक
बहरैन में मीडिया व मानवाधिकार क्षेत्र के 38 कार्यकर्ताओं के सफ़र पर लगी रोक के ख़िलाफ़ इस देश के मानवाधिकार संगठन ने बैठक आयोजित की।
समाचार एजेंसी फ़ार्स के अनुसार, यह बैठक राजधानी मनामा में आयोजित हुयी, जिसमें बहरैनी कार्यकर्ताओं ने आले ख़लीफ़ा शासन द्वारा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मार्ग में खड़ी की गयी रुकावटों के ख़त्म होने पर बल दिया।
बहरैन मानवाधिकार संगठन के सदस्य ने इस देश में आले ख़लीफ़ा शासन द्वारा मानवाधिकार के व्यापक उल्लंघन पर चिंता जताते हुए राजनैतिक व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के सफ़र पर लगी रोक को सभी अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संधियों व सहमतियों के ख़िलाफ़ बताया।
इस बीच बहरैन के मानवाधिकार संगठन की प्रवक्ता ज़ैनब अलख़मीस ने बताया कि आले ख़लीफ़ा शासन की ओर से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के समर्थन पर आधारित घोषणापत्र की पाबंदी के एलान के बावजूद अब तक 38 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के सफ़र पर रोक लग चुकी है और उनसे पूछताछ हुयी है।
अलख़मीस ने कहा कि आले ख़लीफ़ा शासन को चाहिए कि जिन अंतर्राष्ट्रीय संधियों पर उसने दस्तख़त किए हैं, उनका सम्मान करते हुए राजनैतिक व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मार्ग में खड़ी की गयी रुकावटों को ख़त्म करे।
ज्ञात रहे बहरैन में फ़रवरी 2011 से आले ख़लीफ़ा शासन की अन्यायपूर्ण नीतियों के ख़िलाफ़ जनता का शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी है। बहरैनी जनता इस देश में राजनैतिक सुधार, न्याय की स्थापना, भेदभाव की समाप्ति और जनता द्वारा चुनी गयी सरकार का गठन चाहती है, लेकिन आले ख़लीफ़ा शासन उसकी इस वैध मांग का दमनकारी कार्यवाही से जवाब दे रहा है। (MAQ/N)