बहरैनी फिर हुए अत्याचारी आदेश का शिकार
बहरैनी प्रशासन ने देश में अपने अन्यायपूर्ण निर्देशों को जारी रखते हुए एक नागरिक को 15 साल और नागरिकता समाप्त करने की सज़ा सुनाई है।
फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार, बहरैन के उच्चतम न्यायालय ने मनामा के दक्षिणी शहर सितरा में एक बहरैनी नागरिक पर फ़ायरिंग का आरोप लगाया और उसे 15 साल जेल की सज़ा के साथ ही नागरिकता समाप्त करने और उसके माल को ज़ब्त करने की भी सज़ा सुनाई है।
मुहम्मद बिन अली आले ख़लीफ़ा की खंडपीठ ने यह आदेश जारी किया। बहरैन की इस अदालत ने दावा किया है कि 22 मार्च 2015 को सितरा शहर में होने वाली फ़ायरिंग के दौरान एक पुलिसकर्मी घायल हो गया था।
यह एेसी स्थिति में है कि बहैरन की अदालत ने 27 अक्तूबर 2016 ने जनता के विरुद्ध दमनात्मक कार्यवाही करते हुए बहरैन की सुरक्षा के विरुद्ध कार्यवाही करने के निराधार आरोप लगाकर 22 नागरिकों की नागरिकता रद्द कर दी थी।
बहरैन में फ़रवरी 2011 से आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी हैं। (AK)