सऊदी अरब दमन के बावजूद जनता की आवाज़ नहीं दबा सका
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जारी वर्ष में सऊदी अरब का बजट घाटा 70 अरब डॉलर तक पहुंच गया है
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Nov २७, २०१६ १९:२६ Asia/Kolkata

जारी वर्ष में सऊदी अरब का बजट घाटा 70 अरब डॉलर तक पहुंच गया है

सऊदी अरब के पूर्व में स्थित अलअवामिया नगर के लोगों ने इस देश के नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ की इस क्षेत्र की यात्रा के विरोध में मानव ज़न्जीर बनाया। सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ सऊदी नरेश के रूप में पहली बार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देश के पूर्व में कई दिन की यात्रा पर गये हैं जहां उन्हें देश के विभिन्न पूर्वी क्षेत्रों में जनता के भारी विरोधों का सामना करना पड़ा है।

सऊदी अरब के पूर्व में स्थित अश्शरकिया क्षेत्र में तेल के सबसे बड़े कुएं हैं और इस क्षेत्र में सबसे अधिक तेल पाया जाता है परंतु इस क्षेत्र के लोग बहुत अधिक भेदभाव के कारण सामाजिक और राजनीतिक आदि कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

चूंकि सऊदी अरब के अश्शरकिया प्रांत के अधिकांश लोग शीया मुसलमान हैं इसलिए सऊदी अधिकारी इस क्षेत्र की आर्थिक स्थिति पर बहुत कम ध्यान देते हैं। अश्शरिकया प्रांत के लोगों के लिए इस बात का खतरा मौजूद है कि उन पर मुकद्दमा चलाया जा सकता या उनके विरुद्ध कार्यवाही की जा सकती है फिर भी उन्होंने सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ की यात्रा के प्रति अपने विरोध की घोषणा की है।

लोगों ने दीवारों आदि पर नारे लिखकर इस देश की अर्थ व्यवस्था, राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति के बदतर होने और यमनी बच्चों की हत्या के लिए सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ को ज़िम्मेदार बताया है।

सऊदी अधिकारी भय और आतंक का माहौल उत्पन्न करके घुटन का वातावरण तैयार करने की चेष्टा में है ताकि कोई भी व्यक्ति इस देश की सरकार के विरुद्ध कुछ बोलने का साहस न कर सके।

सऊदी अरब में तानाशाही सरकार के विरोधियों के दमन के बावजूद सऊदी समाज में न्यायप्रेमियों की मांग व प्रभाव बढता जा रह है जो इस बात का सूचक है कि आले सऊद भय व आतंक का माहौल उत्पन्न करके और इस देश की जनता का दमन करने के बाजदूद जनता और उसके नेताओं को चुप नहीं करा सकी है।

सऊदी शासक तेल से होने वाली आय के बड़े भाग का खर्च दूसरे देशों में हस्तक्षेप और सीरिया, इराक, लेबनान और क्षेत्र के कुछ देशों में लड़ने वाले आतंकवादियों के समर्थन और यमन युद्ध पर कर रहे हैं।

मौजूद आंकड़े इस बात के सूचक हैं कि सऊदी अरब को हालिया वर्षों में बड़े बजट घाटे का सामना रहा है और जारी वर्ष में सऊदी अरब का बजट घाटा 70 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और 25 प्रतिशत लोग निर्धनता रेखा से नीचे जीवन व्यतीत कर रहे हैं और शिक्षित अधिकांश युवा बेरोज़गार हैं। यह स्थिति शीया आवासीय क्षेत्रों में सऊदी अधिकारियों के भेदभाव के कारण और भी विषम है। MM