दाइश के बाद भी अमेरिका इराक में बना रहना चाहता है
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अमेरिका अब भी वृहत्तर मध्यपूर्व या नये मध्यपूर्व की योजना को जीवित करने के प्रयास में है जिसका एक मूल लक्ष्य अमेरिका और जायोनी शासन का क्षेत्र पर वर्चस्व व प्रभाव जमाना है
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec ०४, २०१६ १७:०५ Asia/Kolkata
  • दाइश के बाद भी अमेरिका इराक में बना रहना चाहता है

अमेरिका अब भी वृहत्तर मध्यपूर्व या नये मध्यपूर्व की योजना को जीवित करने के प्रयास में है जिसका एक मूल लक्ष्य अमेरिका और जायोनी शासन का क्षेत्र पर वर्चस्व व प्रभाव जमाना है

अमेरिका के प्रतिरक्षामंत्री ने घोषणा की है कि दाइश के बाद भी इराक में उसका बना रहना ज़रूरी है। एश्टन कार्टर ने बल देकर कहा है कि आतंकवादी गुट दाइश के पराजित हो जाने के बाद भी अमेरिकी सेना और उसके अंतरराष्ट्रीय घटकों व भागीदारों को चाहिये कि वे इराक में बने रहें।

आतंकवाद से मुकाबले के बहाने इराक में लंबे समय तक बने रहने हेतु अमेरिकी योजना का स्पष्ट हो जाना इस बात का सूचक है कि इराक को अब भी अमेरिका की संदिग्ध योजनाओं व चालों का सामना है। उल्लेखीय है कि महीनों तक इस बारे में चर्चा होने के बाद कि इराक में मौजूद अमेरिकी सैनिकों की संख्या कितनी है? अमेरिकी प्रवक्ता क्रिसटोफर गैरफर ने कहा है कि दाइश के विरुद्ध अमेरिकी गठबंधन सैनिकों की संख्या सात हज़ार है।

अमेरिका ने आतंकवादी गुट दाइश के विरुद्ध गठबंधन अक्तूबर वर्ष 2014 में बनाया था और उसके सैनिकों की संख्या में निरंतर वृद्धि की पंरतु बहुत कम उसने गम्भीर रूस से आतंकवाद से मुकाबला किया। क्योंकि दाइश का समाप्त होना अमेरिकी हित में नहीं है। इस प्रकार की वास्तविकता होने के बावजूद अमेरिकी अधिकारी आतंकवाद से लड़ाई में भाग लेने पर बल दे रहे हैं।

इराकी सेना और स्वयं सेवी बलों ने हालिया महीनों में आतंकवादियों के विरुद्ध लड़ाई में ध्यान योग्य सफलता अर्जित की है इस बात के दृष्टिगत प्रतीत यह हो रहा है कि अमेरिका स्वयं को इस सफलता में भागीदार बनाने के प्रयास में है। साथ ही वह इराक में दाइश के बाद अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए भूमि प्रशस्त कर रहा है।

अमेरिकी कार्यवाही इस बात की सूचक है कि अमेरिका अब भी वृहत्तर मध्यपूर्व या नये मध्यपूर्व की योजना को जीवित करने के प्रयास में है जिसका एक मूल लक्ष्य अमेरिका और जायोनी शासन का क्षेत्र पर वर्चस्व व प्रभाव जमाना है।

वृहत्तर मध्यपूर्व का जो नक्शा प्रकाशित हुआ है उसके अनुसार इराक टार्गेटेड देशों में से एक है। इराक में बने रहने हेतु अमेरिकी प्रतिरक्षामंत्री की घोषणा को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। MM